उपमंडल ठियोग के साथ लगती कई पंचायतों में बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। मंगलवार को देर शाम बासा माहौग, सरीउन, गुठाण, माहौरी, खशधार और क्यार में बादल फटने से सेब के कई बगीचे इसकी चपेट में आ गए। कुदरत के इस कहर में करीब पंद्रह सौ से अधिक सेब की पेटियों को भी नुकसान पहुंचा है।
सड़कें और रास्ते बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। लोग जहां थे वहीं फंसकर रह गए हैं। बादल फटने से गिरि नदी की सहायक खड्ड क्यार में भयानक बाढ़ आई। इसमें घोडे़, अन्य पशु, सिलेंडर, सेब की पेटियां आदि बहती देखी गईं। एसडीएम एमआर भारद्वाज मौके पर जायजा लेने पहुंच गए थे। माहौरी पंचायत की प्रधान शारदा कमल ने बताया कि इलाके में हुई भारी बरसात और बादल फटने से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
वही पंचायत के किम्टी गांव में दो परिवारों के मकान भी ढह गए हैं। इसके अलावा छैला से माहौरी जाने वाली सड़क भी कई जगहों से क्षतिग्रस्त हो गई। माहौरी निवासी केसर दास की पत्नी के सिर पर पत्थर लगने से वह घायल हो गई। इसके अलावा खल्टूनाला के पास तीन दुकानें बह गई हैं। इसमें किसी के जानी नुकसान की खबर नहीं थी। सड़क के बंद होने से महिला को भी अस्पताल तक नहीं पहुंचाया जा सका था।
क्यार पंचायत में भी आईपीएच विभाग की हजारों लोगों को पेयजल आपूर्ति करने वाली निउड़ी योजना की पाइपें, इनटेक, पोल आदि के क्षतिग्रस्त होने से हजारों लोगों के लिए पेयजल आपूर्ति ठप हो गई है। कनिष्ठ अभियंता एनएस चौहान ने कहा कि लगभग विभाग को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
क्यार पंचायत की प्रधान रीना जस्टा और पूर्व प्रधान सुशीला शर्मा ने स्थानीय प्रशासन से मांग की कि इस क्षेत्र में हुए नुकसान का जायजा लेकर क्षेत्र में प्रभावितों को मुआवजा दिलाया जाए। कहा कि ढेलोगाड़ और खलटूनाला के आसपास भारी तबाही हुई है। क्यार खड्ड का जलस्तर इस कदर बढ़ा हुआ है कि पुल नजर तक नहीं आ रहा।
शिक्षक और बच्चे रास्ते में फंसे, सुरक्षित जगह ठहराया- माहौरी स्कूल के बच्चे और अध्यापक भी बीच रास्ते में ही फंस गए हैं। वे अपने घरों को नहीं लौट पाए। लोगों के मुताबिक यहां से निकलने वाली सड़कें और रास्ते बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इसलिए स्कूली बच्चों और लोगों को माहौरी में ही स्थानीय लोगों के घरों में ठहराया गया है।