हाईकोर्ट का एक आदेश इन दिनों आबकारी एवं कराधान विभाग के गले की फांस बना हुआ है। आदेश अगर पूरी तरह लागू हुआ तो सूबे के करीब तीन सौ शराब ठेकों पर ताले लटक जाएंगे।
सालाना राजस्व अर्जित करने के लक्ष्य में 21 फीसदी की बढ़ोतरी के बाद करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान के अंदेशे से विभागीय अधिकारी हलकान हैं। अब अधिकारी हाईकोर्ट के इस फैसले को चुनौती देने पर विचार कर रहे हैं।
हाईकोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान आदेश में कहा है कि शराब ठेके की स्कूल से 100 मीटर दूरी गेट से नहीं बल्कि स्कूल परिसर की बाउंड्री से तय होगी।
सूबे के कई शराब ठेके खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसी जगह स्थित हैं, जहां से गेट की दूरी तो तय मानक को पूरा करती है लेकिन अगर स्कूल की चहारदीवारी का नियम लागू हुआ तो वह उसकी जद में आ जाएंगे।
आबकारी एवं कराधान आयुक्त आर सेलवम ने कहा कि कोर्ट के आदेश का अध्ययन किया जा रहा है। उसके आधार पर विधि विभाग अगर सलाह देता है तो विभाग आदेश को उच्च अदालत या पीठ में चुनौती देगा।
दरअसल, हाल ही में प्रदेश सरकार ने विभाग का सालाना राजस्व लक्ष्य करीब सवा पंद्रह सौ करोड़ कर दिया है, जिसके बाद विभाग लक्ष्य पूरा करने को लेकर कवायद में जुट गया है।
अब हाईकोर्ट के इस आदेश का असर पड़ता दिखा तो विभाग उसे उच्च अदालत में चुनौती भी दे सकता है।