प्रदेश भर में चल रहे निजी स्कूलों को प्रारंभिक शिक्षा विभाग और स्कूल शिक्षा बोर्ड से अलग-अलग मान्यता लेने का झंझट खत्म करने की कवायद शिक्षा बोर्ड ने शुरू की है। वहीं छठी से दसवीं कक्षा के पाठ्यक्रम में बदलाव के लिए सरकारी स्कूलों के साथ निजी स्कूलों के अध्यापकों की भी राय ली जाएगी। स्कूल शिक्षा बोर्ड में वीरवार को प्रदेश के निजी स्कूलों प्रबंधकों के साथ बोर्ड अध्यक्ष डॉ सुरेश कुमार सोनी ने बैठक की।
बैठक में आठवीं तक के स्कूलों को भी बोर्ड से संबद्घता देने को लेकर चर्चा हुई। बैठक में बोर्ड से संबद्धता प्राप्त निजी शिक्षण संस्थान संघ ने प्रत्येक वर्ष नवीनीकरण, कक्षा स्तरोन्नत एवं नई संबद्धता प्राप्त करने को आवेदन करते समय निर्धारित दस्तावेजों के साथ नवीनतम फायर सेफ्टी प्रमाण पत्र सहित अन्य प्रमाण पत्र के बारे भी चर्चा की।
अध्यक्ष ने कहा कि निजी स्कूलों की संबद्घता में बदलाव को लेकर मंथन किया जाएगा। उन्होंने निजी स्कूल प्रतिनिधियों से एनसीईआरटी की पुस्तकें ही स्कूलों में पढ़ाने का आह्वान किया। इसके लिए शैक्षणि सत्र के शुरू में ही स्कूलों को एनसीईआरटी की पुस्तकें प्रदान कर दी जाएंगी। बैठक में स्कूल शिक्षा बोर्ड सचिव डॉ हरीश गज्जू मुख्य रूप से मौजूद रहे।