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कूड़ा शुल्क में राहत न देने पर पूर्व मेयर ने खोला मोर्चा

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पूर्व मेयर बोलीं, सिर्फ जिम का शुल्क घटाना सही नहीं
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आम जनता को भी राहत दिला नगर निगम
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में सिर्फ जिम संचालकों का कूड़ा शुल्क कम करने का मामला एक बार फिर गरमाने वाला है। पूर्व मेयर कुुसुम सदरेट समेत कई भाजपा पार्षदों ने इस मामले पर मेयर को घेरने की तैयारी कर ली है।
इनका कहना है कि जिम संचालकों की तरह आम जनता को भी कूड़ा शुल्क में राहत दी जाए। इसके लिए पूर्व मेयर का गुट विपक्षी पार्षदों से मिलकर इस नए प्रस्ताव पर समर्थन लेने जा रहा है। 28 सितंबर को होने वाले नगर निगम सदन में इस पर फिर हंगामा होने के आसार हैं। नगर निगम ने बीते सदन में जिम संचालकों का कूड़ा शुल्क 266 रुपये प्रतिमाह की दर से तय किया था। इससे पहले शहर में जिम संचालकों से आकार के अनुसार 266 से लेकर दो हजार रुपये तक का शुल्क वसूला जा रहा था लेकिन बीते सदन में नगर निगम ने सबका शुल्क 266 रुपये प्रतिमाह कर दिया।
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शहर में मेयर सत्या कौंडल के बेटे का भी जिम है और पूर्व मेयर समेत कई पार्षद इसी कारण इस फैसले पर आपत्ति जता रहे हैं। इनका आरोप है कि नगर निगम को जिम का शुल्क तो ज्यादा दिखता है लेकिन आम जनता की परेशानी नहीं दिखती। इनकी मांग है कि टुअर एंड ट्रेवल, केमिस्ट समेत शहर में आम जनता का शुल्क भी कम किया जाए। मेयर सत्या कौंडल स्पष्ट कर चुकी हैं कि जिम का शुल्क नहीं घटाया है। इनसे पहले अलग अलग शुल्क लिया जाता था, अब इसे एक समान तय किया है।
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सबको मिले राहत : सदरेट
पूर्व मेयर कुसुम सदरेट ने कहा कि जिम की तरह बाकी लोगों का कूड़ा शुल्क भी नगर निगम को कम करना चाहिए। मेयर को सिर्फ जिम ही नहीं बाकी लोगों का दर्द भी समझना चाहिए। सदन में इस मामले को उठाएंगे।
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