अमर उजाला एक्सक्लूसिव...
...शिमला में पहली बार टैराजाइम तकनीक से शुरू होगा सड़कों को पक्का करने का काम, अप्रैल से शुरू होगी टारिंग
...गन्ने से निकाले तरल बायोजाइम से बढ़ेगा सड़कों का टिकाऊपन, 40 फीसदी तक घट जाएगी लागत
अशोक चौहान
शिमला। राजधानी शिमला की सड़कें अब गन्ने के वेस्ट से निकलने वाले बायोजाइम से पक्की की जाएंगी। इससे न केवल सड़कों को पक्का करने की लागत करीब 40 फीसदी तक घटेगी, बल्कि इस तकनीक से तैयार सड़कें अधिक समय तक टिकाऊ भी रहेंगी।
लोक निर्माण विभाग पहली बार राजधानी की सड़कों के लिए टैराजाइम तकनीक का इस्तेमाल करने जा रहा है। अप्रैल से शुरू होने वाली टारिंग के दौरान शिमला शहर और ग्रामीण इलाकों की कई सड़कों पर इस तकनीक से काम किया जाएगा। किन क्षेत्रों की किन सड़कों पर इसका उपयोग होगा, इसके लिए सड़कें सूचीबद्ध कर ली गई हैं।
विभाग के अनुसार बायोजाइम के इस्तेमाल से सड़कें पक्की करने की इस तकनीक को टैराजाइम कहा जाता है। इसमें गन्ने से निकलने वाले तरल बायोजाइम को सोलिंग के समय मिट्टी में मिलाया जाता है। यह बायोजाइम एक तरह का सॉयल स्टेबिलाइजर होता है। इससे मिट्टी को मजबूती मिलती है। इससे अतिरिक्त निर्माण सामग्री की जरूरत कम पड़ती है। यह मिट्टी के सूक्ष्म कणों के साथ मिलकर उन्हें पत्थर जैसी मजबूत और जलरोधी परत में बदल देता है। इस तकनीक से बनी सड़कों पर पानी का असर भी कम होता है। इसमें तारकोल का उपयोग कम रहता है और वह केवल ऊपरी सतह की मजबूती के लिए किया जाता है। निचली परत टैराजाइम से पक्की की जाती है। पैचवर्क के साथ-साथ नई सड़कों पर भी इसका इस्तेमाल किया जाएगा।
निर्माण की लागत घटेगी, पहाड़ बचेंगे
विभाग का कहना है कि इस तकनीक में ज्यादा निर्माण सामग्री या मिट्टी की जरूरत नहीं पड़ती। इससे 40 फीसदी तक लागत घटेगी। निर्माण सामग्री का खनन कम होगा। इससे पहाड़ों का संरक्षण भी संभव होगा। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता नवीव कौंडल ने बताया कि जिला शिमला में पहली बार टैराजाइम तकनीक से सड़कों की टारिंग की जा रही है। इसके लिए कुछ सड़कों को चिह्नित किया गया है और अप्रैल से काम शुरू होगा।
प्लास्टिक वेस्ट से भी बन रहीं सड़कें
शहर में कई सड़कें प्लास्टिक वेस्ट से भी तैयार की जा रही हैं। शिमला ग्रामीण के तहत कुछ सड़कों पर इसका ट्रायल किया है। इस साल भी शहर की कुछ सड़कों पर लोक निर्माण विभाग की ओर से इसका परीक्षण किया जाएगा। इसके अलावा विभाग मिट्टी और सीमेंट के मिश्रण से भी कुछ सड़कों को पक्का करने की योजना बना रहा है।