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Shimla News: शहरवासियों को संपत्ति कर की बढ़ी दरों से मिलेगी राहत, प्रस्ताव तैयार

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अभी 100 वर्ग मीटर से ज्यादा आकार वाले भवनों के मालिकों को दोगुनी दर पर देना पड़ रहा है संपत्ति कर
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अब सौ वर्ग मीटर तक तीन फीसदी लगेगा टैक्स

120 वर्गमीटर है तो सिर्फ 20 वर्गमीटर पर लगेगा 6 फीसदी कर
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहरवासियों को इस साल से नए स्लैब के कारण बढ़े टैक्स बिलों से राहत मिलने वाली है। इसके लिए नगर निगम प्रशासन ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है।
31 जुलाई को होने वाली नगर निगम की मासिक बैठक में इस पर फैसला लिया जाएगा। नगर निगम ने इस साल से टैक्स बिल जारी करने के लिए सरकार के बनाए उपयोग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया है। इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से जारी किए जा रहे टैक्स बिलों में लोगों को नए स्लैब से बिल मिल रहे थे। 100 वर्ग मीटर तक के आकार वाले भवनों को तीन फीसदी की दर से बिल जारी हो रहे थे। इससे ज्यादा आकार वाले भवनों को छह फीसदी फ्लैट दर से बिल जारी हो रहे थे। इससे कई लोगों के बिल दोगुना हो गए।
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शिकायत मिलने पर निगम को बिल जारी करने का काम बंद करना पड़ा। पहले निगम अलग व्यवस्था से बिल जारी करता था। इसमें 100 वर्ग मीटर आकार वाले भवनों को तीन और इससे अधिक आकार वाले हिस्से के लिए 6 फीसदी दर लगाता था। इस तरह भवन के आकार में दो दरें लागू होती थी। वहीं नई व्यवस्था में 100 वर्ग मीटर से अधिक अगर संपत्ति का हिस्सा है तो वह पूरे हिस्से (मतलब एक वर्ग मीटर लेकर 120 वर्गमीटर तक) पर ही छह फीसदी दर के हिसाब टैक्स बिल जारी होता था। इससे लोगों के संपत्ति कर के बिल दो गुना पहुंच गए थे। अब निगम ने जब शहरी विकास विभाग को अपने साफ्टवेयर में बदलाव के लिए कहा तो विभाग ने मना कर दिया। इसलिए निगम अब सदन से इस प्रस्ताव को पारित करवाकर विभाग को भेजेगा। शिमला शहर में कई नामी होटलों समेत तीन हजार से ज्यादा भवन मालिक ऐसे हैं जो समय पर टैक्स जमा नहीं कर रहे हैं। नगर निगम का कहना है कि इन सभी को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। अतिरिक्त आयुक्त डॉ. भुवन शर्मा का कहना है कि सदन में इस प्रस्ताव पर चर्चा होगी।



भाजपा नेता ने दिए पांच लाख, निगम बोला-पूरा पैसा चुकाओ
संपत्ति कर चुकाने में लापरवाही दिखा रहे एक भाजपा नेता को नगर निगम ने पूरा बिल चुकता करने के निर्देश दिए हैं। हाल ही में भाजपा नेता को निगम ने नोटिस जारी किया था। नेता के शहर में कई बड़े होटल हैं लेकिन इन्होंने अभी तक पिछले कई साल का टैक्स नहीं भरा है। इससे पहले नेता के दिए कई चेक भी बाउंस हो चुके हैं। नगर निगम इस पर कार्रवाई करने की तैयारी कर ही रहा था कि अब इसने पांच लाख रुपये चेक के माध्यम से नगर निगम में जमा कर दिए। बाकी पैसा जमा करने के लिए नेता ने मोहलत मांगी है। नगर निगम का कहना है कि नेता को मोहलत नहीं मिलेगी। इसे एकमुश्त सारा टैक्स चुकाने के लिए दोबारा नोटिस भेजा जा रहा है।
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