हिमाचल प्रदेश में सरकारी योजनाओं और नौकरी पाने लेने के लिए यहां रह रहे नेपाल मूल के बाशिंदों को अब अपने देश की नागरिकता छोड़नी पड़ेगी। प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव कार्मिक प्रबोध सक्सेना की ओर से जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया है कि हिमाचली बोनाफाइड प्रमाणपत्र हासिल करने के लिए भारत का नागरिक होना अनिवार्य है। अगर कोई व्यक्ति भारत का नागरिक नहीं है तो उसे हिमाचली बोनाफाइड सर्टिफिकेट जारी नहीं किया जाएगा। सरकार ने यह संशोधित अधिसूचना इसलिए जारी की है, क्योंकि लंबे समय से प्रदेश में रह रहे नेपाल मूल के लोग हिमाचली बोनाफाइड सर्टिफिकेट के लिए आवेदन कर रहे हैं।
पहले के आदेश के अनुसार कोई व्यक्ति अगर हिमाचल प्रदेश में बीस साल से रह रहा है या उसका हिमाचल प्रदेश में स्थायी निवास है तो उसे हिमाचली बोनाफाइड सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाता था, लेकिन नेपाल मूल के लोगों के आवेदन पर सरकार न तो इनकार कर पा रही थी और न उन्हें सर्टिफिकेट जारी कर रही थी। अब सरकार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए नई अधिसूचना जारी कर दी है। इसमें स्पष्ट किया है कि सिर्फ भारत के नागरिक के पास अगर हिमाचल प्रदेश में स्थायी निवास है या वह बीस या उससे ज्यादा साल से यहां रह रहा है या फिर उसके पास प्रदेश में स्थायी घर है, लेकिन नौकरी की वजह से प्रदेश के बाहर रह रहा है तो उसे हिमाचली बोनाफाइड सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा।