वहीं, जिस देश में वह वर्तमान में हैं, वहां की सरकार भी शर्मा को सीधे भारत डिपोट कर सकती है। बता दें कि सीआईडी ने हाल ही में शर्मा समेत आठ लोगों के खिलाफ नाहन कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है। आरोप है कि इन्होंने सरकारी कर्मचारियों के साथ मिलकर सरकार को 2100 करोड़ का नुकसान पहुंचाया।
साथ ही करीब दस करोड़ रुपये का बिजली बोर्ड को बिल चुकाने में भी फ्रॉड किया है। फिलहाल मामले में अभी भी तफ्तीश जारी है और कई आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जांच एजेंसी प्रयास कर रही है।
कुछ दिन पहले ही प्रधान सचिव विजिलेंस संजय कुंडू ने मामले की जांच की समीक्षा की थी। कर चोरी के मुख्य मामले के अलावा बिजली चोरी के मामले में तो गिरफ्तारी व चार्जशीट दाखिल हो गई है।
लेकिन बैंकों से लिए लोन की जांच में समय लग रहा है। जिसके बाद समीक्षा के दौरान कुंडू ने जांच अधिकारियों को 30 जून तक मामले की जांच पूरी करने के निर्देश दिए हैं।