हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्र में घायल महिला की जान बचाने के लिए उड़ा हेलीकॉप्टर (पवन हंस) उस समय बड़े हादसा का शिकार होने से बच गया, जब यह बर्फीली धौलाधार की पहाड़ियों के ऊपर से गुजरते हुए अचानक हेलीकॉप्टर का फ्यूल खत्म हो गया।
ऐसे में हेलीकॉप्टर के पायलट को इसकी इमरजेंसी लैडिंग करवानी पड़ी। उस समय हेलीकॉप्टर में पायलट सहित सात लोग सवार थे। मामला हिमाचल प्रदेश चंबा जिला का है। जहां पर जनजातीय क्षेत्र पांगी की एक महिला खाई में गिरकर घायल हो गई।
भारी बर्फबारी के कारण पांगी से महिला को उपचार के लिए लाने का कोई विकल्प नहीं था। प्रशासन ने ऐसे में धर्मशाला शीतकालीन प्रवास पर पहुंचे मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के हेलीकॉप्टर (पवन हंस) को महिला की मदद के लिए भेजने का फैसला लिया गया।
चंबा हेलीपैड पर रहा अफरा तफरी का माहौल
धर्मशाला से हेलीकॉप्टर ने पांगी के लिए उड़ान भरी मगर बुधवार सुबह नौ बजे चंबा हेलीपैड पर इसकी इमरजेंसी लैंडिंग करवानी पड़ी। हेलीकॉप्टर यहां दो घंटे रुका रहा। चंबा प्रशासन को पांगी घाटी के लिए उड़ान का कोई शेड्यूल जारी नहीं हुआ था।
लिहाजा, चंबा हेलीपैड में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि इमरजेंसी लैंडिंग के बाद पायलट ने साफ किया कि फ्यूल की कमी की वजह से उन्हें चंबा में लैंड करना पड़ा।
बताया जा रहा है कि हेलीकॉप्टर को धर्मशाला से भुंतर, भुंतर से किलाड़ और किलाड़ से भुंतर तक उड़ान भरनी थी। इस दौरान खाई में गिरने से घायल हुई एक महिला को बाहर निकाला जाना था। ये महिला सामुदायिक अस्पताल पांगी में दाखिल है।
बिना यात्रियों को लेकर लौटा हेलीकॉप्टर
चंबा में भी दस लोगों ने पांगी के लिए अपने आवेदन जमा कराए हैं। लेकिन इनमें से किसी ने भी टिकट की अदायगी नहीं की है, जिस वजह से हेलीकॉप्टर चंबा से पांगी किसी भी यात्री को लेकर नहीं गया।
उधर, एसी टू डीसी राम्या चौहान ने हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि चंबा-पांगी के बीच उड़ान का कोई शेड्यूल फिलहाल जारी नहीं हुआ है। बुधवार को चंबा हेलीपैड पर हुई लैंडिंग अचानक थी।
यह हेलीकाप्टर फ्यूल भरवाने के लिए चंबा में उतरा था। पांगी घाटी के लिए उड़ान का शेड्यूल चौबीस घंटे पहले जारी होता है। चंबा में बुधवार को उतरे हेलीकॉप्टर में पर्याप्त फ्यूल भरकर रवाना कर दिया गया था।