पुलिस की स्पेशल सेल की टीमों ने विकासनगर, टुटू, चलौंठी और मशोबरा समेत क्षेत्रों में पकड़े कई मामले
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चंडीगढ़ और पंजाब से नशा लाकर हो रही तस्करी अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर के कई हिस्सों में तस्कर किराये पर कमरे लेकर चिट्टा तस्करी का धंधा कर रहे हैं। लोअर विकासनगर में एक किराये के भवन में पिछले दिनों स्पेशल सेल की टीम ने सूचना के आधार पर दबिश दी। पुलिस ने यहां पर रहने वाले युवक के कब्जे से साढ़े पांच ग्राम चिट्टा बरामद किया।
जांच में सामने आया है कि युवक यहां पर किराये का कमरा लेकर रहा था और चिट्टा बेचने के अवैध कारोबार से जुड़ा हुआ था। इसी तरह से पुलिस ने मशोबरा, चलौंठी, टुटू समेत कई क्षेत्रों में चिट्टा बेचने वाले युवाओं को गिरफ्तार किया है। इसमें ज्यादा संख्या नशे के आदी युवाओं की है, जोकि नशे की पूर्ति और कमाई के लिए इस अवैध कारोबार के दलदल में फंस रहे हैं।
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आरोपी चंडीगढ, दिल्ली समेत पंजाब के विभिन्न क्षेत्रों से चिट्टा लेकर शिमला में सप्लाई कर रहे हैं। ऐसे युवाओं के चंगुल में स्कूल और कॉलेज के सुविधा संपन्न बच्चे हैं, जिन्हें पहले शौक में मुफ्त में नशा दिया जाता है तो इसके बाद लत लगने पर पैसे की मांग की जाती है। पैसों के अभाव में कई नशे के आदी युवा नशे की डिलीवरी भी यहां से वहां छोड़ने के काम में लग जाते हैं। पुलिस के लिए मुश्किल इस बात की है कि 15 से 25 साल की उम्र के ऐसे युवाओं के पिछला क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं होता है। ऐसे में उनकी पहचान करने में काफी समय लग जाता है।
पंजाब से खरीदकर दोगुना दामों पर बेच रहे चिट्टा नशा तस्कर पंजाब से काफी कम दाम में नशा खरीदकर लाते हैं और इसे शिमला से तीन से चार गुना अधिक दाम पर बेचते हैं। इस वजह से चिट्टे की तस्करी में आए दिन कई नए नाम जुड़ते जा रहे हैं। अब पुलिस ऐसे युवाओं को नशा सप्लाई करने वाले बड़े सप्लायरों की पहचान करने में भी जुटी है जोकि दूसरे राज्यों में बैठकर शिमला समेत आसपास के जिलों में चिट्टा तस्करी का नेटवर्क चला रहे हैं। पुलिस इस बात की छानबीन कर रही है कि कहीं नशे के आदी युवाओं की आड़ में कोई अंतरराज्यीय चिट्टा तस्कर गिरोह सक्रिय तो नहीं है। इससे पहले भी कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें युवाओं का इस्तेमाल करके जिले में बड़े नेटवर्क चलाए जा रहे थे। संदीप शाह, विजय सोनी, शाही महात्मा गिरोह ऐसे ही हैं, जिनको पुलिस ने कड़ी कार्रवाई के बाद सलाखों के पीछे पहुंचाया है। अब पुलिस ऐसे कई लोगों की धर पकड़ का प्रयास कर रही है जोकि जिले के आदी युवाओं का नशा तस्करी में इस्तेमाल करके ऐसे गिरोह चला रहे हैं। पुलिस ने एक साल में 250 के करीब मामलों में 562 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसमें 22 महिलाएं भी शामिल हैं।
कोट्स किराये के कमरे लेकर कई जगह पर चिट्टा तस्करी का नेटवर्क चलाने के मामले सामने आए हैं। इसको लेकर पुलिस कड़ी कार्रवाई कर रही है। नशा तस्करों पर पुलिस की आगे भी कड़ी कार्रवाई करती रहेगी। मिशन भरोसा के तहत पुलिस नशा तस्करी का नेटवर्क तोड़ने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
-संजीव कुमार गांधी, एसएसपी शिमला