पांच सौ के पुराने नोट बेशक बाजार में न चल रहे हों, लेकिन कुछ भक्त भगवान के दरबार में इन नोटों को चढ़ाकर ईश्वर को ही चूना लगा रहे हैं। हैरत की बात है कि नोटबंदी को सात माह बीत जाने के बावजूद लोग अब भी शक्तिपीठ चिंतपूर्णी में अवैध करेंसी चढ़ाए जा रहे हैं।
मंदिर में चढ़ावे की गणना से यह खुलासा हुआ है। प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां चिंतपूर्णी के दरबार में अभी भी श्रद्धालुओं द्वारा चलन से बाहर हुए पुराने नोट मंदिर में चढ़ावे के रूप में चढ़ाए जा रहे हैं। मार्च महीने के बाद भी अप्रैल, मई और जून तक लाखों रुपये का पुराने नोटों का नकद चढ़ावा मंदिर न्यास को प्राप्त हुआ है।
मंदिर के कार्यकारी अधिकारी राणीया राम ने बताया कि दिसंबर माह के बाद मार्च तक कई श्रद्धालु माता के मंदिर में पुराने पांच सौ और हजार के नोट चढ़ाते रहे। जनवरी से मार्च तक तीन महीनों में मंदिर न्यास के पास पुराने नोटों से कुल साढ़े छह लाख रुपये के लगभग की जमा राशि पड़ी हुई है जो आरबीआई में न बदलने के कारण अब बेकार हो चुकी है।