मंडी। जिले में हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा में अपनों को खो चुके नौनिहालों को प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाएं संबल प्रदान करेंगी। मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत उन्हें सरकार ममतामयी छांव प्रदान करेगी। इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के तहत पढ़-लिख कर उनका भविष्य भी संवरेगा।
उपायुक्त अपूर्व देवगन ने शुक्रवार को बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के निर्देशों पर आपदा से प्रभावित अनाथ बच्चों को प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 30 जून की आपदा में अपने माता-पिता को खो चुकी चच्योट तहसील की ग्राम पंचायत तलवाड़ा की कुमारी नीतिका पुत्री दिवंगत रमेश कुमार अब मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट होंगी।
नीतिका को योजना के तहत सरकार की ओर से प्रतिमाह चार हजार रुपये प्रदान किए जाएंगे। नीतिका को यह सहायता 27 वर्ष की आयु पूर्ण करने तक जारी रहेगी। अपूर्व देवगन ने बताया कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित करसोग क्षेत्र की ग्राम पंचायत सनारली के दो परिवारों के पांच बच्चों को प्रदेश सरकार की कल्याणकारी इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के तहत शामिल किया गया है। सनारली पंचायत के भुट्टी गांव के ललित कुमार आपदा में अकाल मृत्यु को प्राप्त हो गए। उनके तीन बच्चों को शिक्षा के लिए इस योजना के तहत प्रति माह एक हजार रुपये की राशि प्रदेश सरकार प्रदान करेगी। इनमें उनकी 14 वर्षीय बेटी कृतिका वर्मा, 10 वर्षीय बेटी अंशिका और आठ माह का बेटा राघव ठाकुर शामिल है।
इसी पंचायत के सुरमू गांव के जीत राम की भी आपदा में दुखद मृत्यु हो गई। उनके दो बच्चों 15 वर्षीय परमजीत और 12 वर्षीय रणजीत को भी इस योजना में शामिल किया गया है। इन्हें 18 वर्ष की आयु तक सहायता राशि जारी रहेगी। यह धनराशि उनकी माता के साथ संयुक्त बैंक खाते में जारी की जाएगी। उपायुक्त ने बताया कि सराज क्षेत्र में ऐसे आठ पात्र मामलों की पहचान की गई है। इनसे संबंधित आवश्यक दस्तावेज पूर्ण करने की प्रक्रिया जारी है।
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