सूबे को 2022 तक टीबी रोग मुक्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग अब प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में विशेष अभियान चलाएगा। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले हर बच्चे की टीबी जांच की जाएगी। अगर किसी में इस बीमारी के लक्षण पाए जाते हैं, तो उसका तुरंत उपचार शुरू किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की मोबाइल हेल्थ टीमों को इसका जिम्मा सौंपा है।
यही नहीं, आयुष्मान भारत योजना के तहत विकसित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में भी अब लोग टीबी रोग की जांच करा सकेंगे। स्वास्थ्य विभाग ने 120 स्वास्थ्य उपकेंद्रों व पीएचसी में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर विकसित किए हैं।
वर्ष 2018 में टीबी रोग के 16,648 मामले सामने आए थे। वर्ष 2019 में अब तक 12,715 मरीजों की खोज की गई है, जिसमें कांगड़ा जिला के 2634 मामले शामिल हैं। पूरे प्रदेश में एसडीआर रोगियों की संख्या 455 है।
उल्लेखनीय है कि टीबी रोगियों से बीड़ी-सिगरेट छुड़वाने के लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। राज्य क्षय रोग कार्यक्रम अधिकारी डॉ. आरके बारिया ने कहा कि स्कूल स्तर पर भी टीबी रोग की जांच की जाएगी। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में भी टीबी रोग जांचने के लिए काम शुरू किया जाएगा।