सर्दियों के मौसम में प्रदेश में बिजली के कट लोगों को परेशान नहीं करेंगे। पड़ोसी राज्य हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश को गर्मियों में दी गई बिजली की सप्लाई बुधवार से हिमाचल को वापस मिलना शुरू हो गई है।
पहली मई से 30 सितंबर तक तीनों राज्यों को हिमाचल प्रदेश ने 1835 मिलियन यूनिट बिजली की सप्लाई उधार दी थी। अब सर्दियों में ये तीनों राज्यों 2052 मिलियन यूनिट बिजली 31 मार्च 2020 तक हिमाचल को वापस करेंगे।
उधार पर दी गई बिजली पर ब्याज लेने की व्यवस्था पहली बार शुरू हुई है। इससे पहले जितनी बिजली दी जाती थी, उतनी ही वापस लेते थे। सर्दियों के दिनों में बिजली की मांग कम होने से रेट भी कम होते हैं।
ऐसे में हिमाचल यदि दूसरे राज्यों से बिजली खरीदता है तो वह सस्ती पड़ेगी। गर्मियों के दिनों में बिजली की मांग ज्यादा होती है और रेट भी ज्यादा होते हैं। बिजली महंगी होने के बावजूद हिमाचल उधार पर बिजली देता है।
अगर हिमाचल गर्मियों में बिजली बेचे तो अच्छे दाम मिल सकते हैं जिससे सरकार का राजस्व बढ़ जाएगा। ऐसे में बीच का रास्ता निकालते हुए उधार पर दी बिजली पर ब्याज लेने का फैसला लिया गया है।