टीजीटी से प्रवक्ता पदोन्नति में हो रही देरी के मामले में मुख्य सचिव कार्यालय हरकत में आया है। इस पदोन्नति सूची को जारी करने में तेजी लाने के लिए राजकीय प्रशिक्षित कला स्नातक संघ की अपील को मुख्य सचिव ने निदेशक उच्च शिक्षा को आगामी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजा है। संघ के प्रदेश महासचिव विजय हीर ने बताया कि संघ को आश्वासन मिला था कि टीजीटी से प्रवक्ता सूची और टीजीटी से हेडमास्टर सूची शीघ्र जारी होगी। मगर तय तारीख तक सूची न निकलने से शिक्षक परेशान हैं।
जिन शिक्षकों की पदोन्नति होनी है, उनकी प्रतीक्षा अब समाप्त होनी चाहिए। संघ ने इस मामले में मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और शिक्षा सचिव कार्यालय को भी अपील भेजकर एक दिन के भीतर पदोन्नति सूची जारी करने की मांग की है और टीजीटी से हेडमास्टर पदोन्नतियां करने की अपील की है। संघ ने हैरानी जताई है कि निदेशालय में गैर शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया तीन दिन में पूर्ण हो रही है। मगर शिक्षकों की प्रमोशन को अनेकों महीने का समय भी नाकाफी हो रहा है। शिक्षक वर्ग के हक उनको समय पर देने के लिए सरकार को भी सक्रियता से इन मामलों की मॉनीटरिंग करनी चाहिए।
जेबीटी-डीएलएड का मजबूती से पक्ष रखे सरकार : रोहित
वहीं, जेबीटी-डीएलएड संयुक्त मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रोहित रमन तेगता ने प्रदेश सरकार से सुप्रीम कोर्ट में जेबीटी का पक्ष मजबूती से रखने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जेबीटी बनाम बीएड मामले में हिमाचल प्रदेश सरकार को भी पार्टी बनाया है। जेबीटी-डीएलएड का भविष्य सुरक्षित करने के लिए सरकार से हजारों युवाओं ने उम्मीदे लगाई हैं। मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में मोर्चा के अध्यक्ष ने कहा कि हाईकोर्ट की ओर से जेबीटी पोस्ट कोड-721 का परिणाम निकालने के आदेश के बाद भी अभी तक इस मामले पर सुस्त रवैया अपनाया जा रहा है। इससे प्रशिक्षुओं में भारी रोष है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के जोधपुर हाईकोर्ट से मामला अब सुप्रीम कोर्ट चला गया है। हिमाचल को भी इस मामले में अब सुप्रीम कोर्ट को जवाब देना होगा।