मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर।
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मुख्य संसदीय सचिव (सीपीएस) सुंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार किसी भी भ्रष्ट अधिकारी को बिजली बोर्ड का एमडी नहीं बनाएगी। भ्रष्टाचार में संलिप्त ऐसे अधिकारियों पर सरकार शिकंजा कसेगी । उनके पास यह फाइल आ गई और इसे जांच के लिए फिर खोला जाएगा। सुंदर सिंह ठाकुर रविवार को यहां मीडिया से बातचीत कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि जिला कुल्लू की पार्वती घाटी के बरशैणी में 2014 में कुल्लू की एक निजी कंपनी को एचटी लाइन से गलत तरीके से बिजली का कनेक्शन दिया गया था।
वर्ष 2016 में इस मामले की जांच शुरू हुई थी। जांच कमेटी ने वर्ष 2018 में अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी। पूर्व की भाजपा सरकार के समय इस मामले को विधानसभा के बजट सत्र के दौरान कांग्रेस द्वारा उठाया गया था। इसके बाद 2022 को निदेशालय ने मामला भी दर्ज करवाया है। लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं की गई। बताया जा रहा है कि करीब डेढ़ करोड़ रुपये की हेराफेरी में बिजली बोर्ड के कई बड़े अधिकारी संलिप्त हैं। इसमें से एक अधिकारी को अब बिजली बोर्ड का एमडी बनाने की चर्चा है।
रविवार को सीपीएस सुंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि बिजली बोर्ड ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों को एमडी नहीं बनाएगा। उनके पास इसकी फाइल आई है और मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऊर्जा और पर्यटन के क्षेत्र में क्रांति आएगी। किन्नौर की कड़छम बिजली परियोजना को तीन साल के भीतर पूरा किया जाएगा। वहीं प्रदेश सरकार ने सूबे में 200 मेगावाट सोलर बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा है। प्रदेश को ऊर्जा राज्य के सपने को कांग्रेस सरकार पूरा करेगी।