विमल नेगी की संदिग्ध मौत पर आक्रोशित परिजन कर्मचारियों के साथ सड़क पर उतरे
10 मार्च से लापता चीफ इंजीनियर विमल नेगी का शव 18 मार्च को बिलासपुर स्थित गोबिंदसागर झील में मिला था। नेगी के लापता होने के बाद उनकी पत्नी ने सीएम को पत्र लिखकर पावर कॉरपोरेशन के एमडी हरिकेश मीणा, निदेशक देसराज समेत अन्य उच्च अधिकारियों पर उनके पति को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। एचपीपीसीएल के मुख्य अभियंता विमल नेगी की संदिग्ध मौत पर आक्रोशित परिजनों के साथ कर्मचारी और आम लोग भी सड़क पर उतर गए थे। परिजनों की शिकायत पर देर शाम एचपीपीसीएल के एमडी हरिकेश मीणा और निदेशक देसराज पर पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सरकार ने इन दानों को पदों से हटाकर पूरे मामले की जांच अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) ओंकार शर्मा को साैंप दी है।
बुधवार देर शाम निदेशक (इलेक्टि्रकल) देसराज को सरकार ने निलंबित कर दिया गया है। विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। उधर, दोनों आरोपी अफसरों के निलंबन पर अड़े परिजन रात 10 बजे तक विमल के शव को लेकर शिमला में एचपीपीसीएल के दफ्तर के बाहर धरने पर बैठे रहे। इससे पहले बिलासपुर, शिमला और किन्नौर में कर्मचारियों समेत आम लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। बिलासपुर में कर्मियों ने एम्स के बाहर प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए इंसाफ की मांग की। नेगी के गृह जिला किन्नौर में भी आक्रोश रैली निकाली गई और कर्मचारियों ने दो दिन पेन डाउन हड़ताल का एलान किया।