चेतन बरागटा ने कहा कि आज पार्टी ने ऐसे व्यक्ति को टिकट दिया है, जो 15 वर्षों से भाजपा मंडल में नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर क्षेत्र की जनता बोलेगी कि हमारा नेतृत्व करो तो मैं जनता के लिए किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार हूं।
भाजपा में टिकट की दौड़ में पिछड़ने के बाद पूर्व मंत्री नरेंद्र बरागटा के पुत्र चेतन बरागटा जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र से बतौर आजाद उम्मीदवार मैदान में उतर सकते हैं। इस सीट से नीलम सरैईक को भाजपा ने टिकट दिया है। चेतन के समर्थकों ने टिकट न बदलने की सूरत में पार्टी को परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहने का अल्टीमेटम दिया है।
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टिकट आवंटन से नाराज कार्यकर्ता वीरवार को गुम्मा में एकत्र हुए। फूल मालाओं के साथ चेतन बरागटा का अभिनंदन किया गया। नारेबाजी करते हुए उन्हें कंधों पर उठाकर मंच स्थल तक पहुंचाया गया। चेतन यहां भावुक हो उठे और फूट-फूटकर रोने लगे। कहा, पिता की अस्थियां विसर्जित करके घर पहुंचा तो प्रदेश भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने फील्ड में जाने के आदेश दिए। कहा गया कि आप ही भाजपा का चेहरा होंगे। गांव-गांव जाकर प्रचार शुरू करें।
बीते तीन माह से मैं जनता के बीच जा रहा हूं। आज भाजपा संगठन ने मुझे परिवारवाद की उपज कहकर बाहर का रास्ता दिखा दिया है। 15 वर्ष संगठन के लिए राष्ट्रीय स्तर से प्रदेश स्तर तक कार्य किया है। आज मुझे उसका इनाम पार्टी ने दिया है। उन्होंने कहा कि आम कार्यकर्ता को टिकट देते तो अफसोस नहीं होता। आज पार्टी ने ऐसे व्यक्ति को टिकट दिया है, जो 15 वर्षों से भाजपा मंडल में नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर क्षेत्र की जनता बोलेगी कि हमारा नेतृत्व करो तो मैं जनता के लिए किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार हूं।
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जनसभा में भाजपा मंडल, वरिष्ठ नेताओं व उपस्थित कार्यकर्ताओं ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि अगर टिकट को नहीं बदला गया तो चेतन बरागटा आठ अक्तूबर को निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन भरेंगे। मंडल अध्यक्ष गोबाल जबैईक ने कहा कि शीर्ष नेतृत्व ने जनता व कार्यकर्ताओं की आवाज को अनसुना किया है। टिकट आवंटन में कार्यकर्ताओं के साथ धोखा किया गया है।