सेब सीजन के दौरान सड़क किनारे सेब का अवैध कारोबार कर रहे गैर पंजीकृत आढ़ती इस सीजन में अभी तक बागवानों के लाखों के सेब डकार गए हैं। ठियोग, रोहड़ू, गुम्मा, हुल्ली और ढली में आढ़तियों ने सीजन शुरू होते ही सड़क किनारे दुकानें सजा दी थीं।
बागवानों ने अपनी उपज इन आढ़तियों को दी, लेकिन अब एकाएक सड़क किनारे काम कर रहे फर्जी सेब कारोबारी गायब हो गए हैं। साल भर की उपज का पैसा न मिलने से सेब उत्पादक परेशान हैं।
सेब सीजन शुरू होने से पहले जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार की ओर से दावा किया गया था कि सड़क किनारे सेब का अवैध कारोबार नहीं होने दिया जाएगा। बावजूद इसके, सड़क किनारे सेब की खरीद फरोख्त के लिए दुकानें खोली गईं।
बागवानों को हुआ बड़ा नुकसान
सेब उत्पादकों ने इन दुकानों पर अपनी फसल बेची, लेकिन अब ये दुकानें बंद हो गई हैं और बागवानों को लाखों का नुकसान उठाना पड़ा है। बागवानों के साथ हुई ठगी की सूचना के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई न होने के कारण अभी भी सड़क किनारे सेब की दुकानें सजी हुई हैं।
सड़क किनारे सेब का कारोबार कर रहे फर्जी आढ़ती बागवानों को अच्छे रेट का झांसा देकर अपने चंगुल में फंसा रहे हैं। मार्केट में सेब की कीमत के मुकाबले आढ़ती बागवानों को दो से तीन सौ रुपये प्रति पेटी अधिक रेट देने का वादा करते हैं।
फसल के अच्छे रेट पाने के लिए बागवान अपनी फसल फर्जी आढ़तियों को दे देते हैं। आढ़ती बागवानों को पूरी पेमेंट किए बिना ही बोरी बिस्तर समेट गायब हो जाते हैं।
एक साल बाद भी नहीं मिला पैसा
सड़क किनारे सेब का कारोबार करने वाले आढ़तियों को अपनी फसल देकर ठियोग के बागवान पछता रहे हैं। संदीप बरेट (संधू), देवीराम (कोटखाई), हेमराज (ठियोग) और महेंद्र सिंह (ठियोग) ने बीते साल गजैड़ी के समीप कंडा और ठियोग के समीप नंगलदेवी में सड़क किनारे काम कर रहे आढ़तियों को अपना सेब बेचा था।
कोटखाई और कोटगढ़ के रहने वाले सेब कारोबारियों ने बागवानों को उनकी फसल का पैसा नहीं दिया। वहीं, सड़क किनारे सेब का कारोबार करने वाले फर्जी आढ़तियों को फसल बेचने के कारण टिक्कर (रोहड़ू) के बागवानों को करीब 14 लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है।
टिक्कर के बागवान कमल प्रकाश चौहान का कहना है कि बीते साल उन्होंने ठियोग के समीप गजैड़ी में सड़क किनारे कारोबार करने वाले आढ़ती को सेब बेचा था। आढ़ती ने सेब के साढ़े चार लाख रुपये का भुगतान नहीं किया। एपीएमसी के सचिव बीआर गर्ग का कहना है कि बिना पंजीकरण सड़क किनारे सेब की खरीद फरोख्त कर रहे पांच कारोबारियों को पकड़ कर जुर्माना किया गया है।