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Chandra Grahan 2025: हिमाचल सहित पूरे देश में दिखाई देगा पूर्ण चंद्र ग्रहण, इतने घंटों की होगी अवधि

Thu, 04 Sep 2025 02:41 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला।

सार

 7-8 सितंबर को पूर्ण चंद्रग्रहण घटित होगा। माैसम विभाग के खगोल विज्ञान केंद्र के अनुसार भारत में सभी स्थानों से यह ग्रहण दिखाई देगा। 
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Chandra grahan 2025 - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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हिमाचल सहित पूरे देश में 7-8 सितंबर को पूर्ण चंद्रग्रहण घटित होगा। माैसम विभाग के खगोल विज्ञान केंद्र के अनुसार भारत में सभी स्थानों से यह ग्रहण दिखाई देगा। चंद्रमा 7 सितंबर को देर शाम पृथ्वी की उपछाया में प्रवेश करेगा और यह 8 सितंबर की अर्धरात्रि के बाद के कुछ घंटों तक जारी रहेगा। ग्रहण अंटार्कटिका, पश्चिमी प्रशांत महासागर, ऑस्ट्रेलेशिया, एशिया, भारत महासागर, यूरोप और पूर्वी अटलांटिक महासागर के क्षेत्रों से दिखाई देगा। भारत में, ग्रहण के सभी चरण, पूर्णता सहित पूरे देश में दिखाई देंगे।

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कितने बजे दिखेगा ग्रहण
 खगोल विज्ञान केंद्र के अनुसार चंद्रग्रहण का स्पर्श 7 सितंबर को भारतीय समयनुसार रात 9:57 पर होगा। ग्रहण का अंत 1:27 बजे होगा। इस ग्रहण की पूर्णता 7 सितंबर को 11:00 पर प्रारंभ होगी तथा ग्रहण की पूर्णता का अंत  12:23 बजे पर होगा । ग्रहण की अवधि 3.30 घंटे की होगी। ग्रहण के पूर्णता की अवधि 1 घंटा 23 मिनट की है। भारत में दृश्य अगला चंद्र ग्रहण 3 मार्च 2026 को घटित होगा जोकि पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा। भारत में दृश्य पिछला चंद्र ग्रहण 28 अक्तूबर 2023 को घटित हुआ था जोकि आंशिक ग्रहण था।

ग्रहण एक खगोलीय घटना
ग्रहण एक खगोलीय घटना है। चंद्रग्रहण का असर केवल वैज्ञानिक दृष्टि से नहीं, बल्कि आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से भी महत्वपूर्ण होता है। चंद्रग्रहण पूर्णिमा को घटित होता है, जब पृथ्वी, सूर्य व चंद्रमा के बीच आ जाती है तथा ये तीनों एक सीधी रेखा में अवस्थित हो जाते हैं। पूर्ण चंद्रग्रहण तब घटित होता है जब पूरा चंद्रमा पृथ्वी की प्रच्छाया से ढक जाता है। आंशिक चंद्रग्रहण तब घटित होता है जब चंद्रमा का एक हिस्सा ही पृथ्वी की प्रच्छाया से ढक पाता है।
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इन राशियों के लिए शुभ रहेगा ग्रहण
ज्योतिषाचार्य के अनुसार यह ग्रहण कुंभ राशि शतभिषा नक्षत्र के ऊपर रहेगा, जिनकी राशि कुंभ है। उन्हें ग्रहण नहीं देखना चाहिए। मीन राशि वाले को भी यह ग्रहण नहीं देखना चाहिए। यह मेष, वृषभ, कन्या और धनु राशि वालों के लिए श्रेष्ठ रहेगा। श्रेष्ठ फल कारक रहेगा। मिथुन, सिंह, तुला, मकर राशि वालों के लिए सामान्य रहेगा। कर्क, वृश्चिक, मीन, कुंभ राशि वालों के लिए खराब रहेगा। इन राशि वाले जातकों को ग्रहण नहीं देखना चाहिए। सूतक सात को दोपहर 12:57 बजे से लगेगा। वहीं ग्रहण प्रारंभ विरल छाया में प्रवेश रात्रि 8:58 पर प्रवेश करेगा। ग्रहण स्पर्श रात्रि 9:57 के बाद शुरू होगा। विरल छाया निर्गम रात्रि 2:25 पर होगा। पूर्णिमा के दिन जिन लोगों को श्राद्ध करना है, वे दोपहर 12:57 बजे तक ही भोजन से निवृत हो जाएं।
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