पांगी की चेरी ढांक में हुए हादसे के दूसरे दिन वीरवार को चंद्रभागा नदी से एक महिला का शव ही निकाला जा सका है। इसकी पहचान सरिता देवी के रूप में हुई है। सात अन्य लोगों के अभी नदी के बीचोंबीच फंसे वाहन में ही होने की संभावना जताई जा रही है। बीते बुधवार को एक बोलेरो गाड़ी चंद्रभागा नदी में समा गई थी।
इसमें आठ लोग सवार थे। शून्य डिग्री तापमान और नदी के तेज बहाव के आगे राहत एवं बचाव दल भी बेबस नजर आ रहा है। वीरवार को भी बचाव दल नदी के बीचोंबीच फंसे वाहन तक नहीं पहुंच पाया। पांगी प्रशासन ने अब सरकार को गोताखोर मुहैया करवाने का प्रस्ताव भेजा है।
पुलिस बल बुधवार शाम को नदी में न उतर पाने की वजह से तलाश शुरू नहीं कर पाया। वीरवार सुबह दोबारा राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। नदी किनारे फंसे एक ही शव को निकालने में सफलता मिली। रस्सी के सहारे सैकड़ों फुट गहरी ढांक में उतारे गए पुलिस कर्मी नदी के मध्य तक नहीं पहुंच पाए।
आवासीय आयुक्त पांगी इंद्र सिंह भारद्वाज ने बताया कि अब नदी लापता लोगों की तलाश पेशेवर गोताखोर ही करेंगे। प्रशासन ने जो राहत कार्य किया, उसमें एक महिला का ही शव मिला है। वनमंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी ने कहा कि हादसे का शिकार लोगों की तलाश जारी है।
इसके लिए गोताखोरों की मदद ली जाएगी। वन मंत्री ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया है। भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष जियालाल कपूर ने कहा कि सरकार संवेदनहीनता का परिचय दे रही है। लोगों को निकालने के लिए गोताखोर नहीं मंगवाए जा रहे हैं। गाड़ी नदी के बीचोंबीच नजर आ रही है।