कांगड़ा के शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन।
- फोटो : संवाद
हिमाचल प्रदेश में शक्तिपीठों में चैत्र नवरात्र के दूसरे दिन भी दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ रही। दूसरे नवरात्र पर पंजाब, हिमाचल, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और अन्य प्रदेशों से आए श्रद्धालुओं ने शक्तिपीठों शीश नवाया। सभी शक्तिपीठों में सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की गई है। नवरात्र के दूसरे दिन वीरवार को ज्वालामुखी में करीब 6,000 श्रद्धालुओं ने शीश नवाया । वहीं, पहले नवरात्र पर ज्वालामुखी मंदिर में साढ़े सात लाख रुपये का चढ़ावा चढ़ा है, जबकि 600 ग्राम चांदी भी भक्तों ने अर्पित की है। ब्रजेश्वरी मंदिर में दूसरे नवरात्र पर 7,000 के करीब श्रद्धालुओं ने माथा टेका। पहले नवरात्र मेले की तुलना में गुरुवार को श्रद्धालुओं की संख्या में कमी दर्ज की गई। इसके अलावा बज्रेश्वरी मंदिर में सवा दो लाख रुपये भक्तों ने चढ़ावे के रूप में मंदिर में चढ़ाए हैं। वहीं, नंदिकेश्वर धाम श्री चामुंडा में दूसरे नवरात्र पर 5,600 श्रद्धालुओं ने माथा टेका।
दूसरे नवरात्र पर 31 विद्वान पंडितों ने मंत्रो उच्चारण के साथ मां ब्रह्मचारिणी की विधिवत पूजा अर्चना की। सुबह चामुंडा मंदिर में होने वाली आरती में बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं की अपेक्षा स्थानीय भक्तों की संख्या अधिक देखने को मिल रही है। मंदिर अधिकारी सुरेश शर्मा ने बताया कि पहले नवरात्र मेले में यात्रियों ने 2,13,169 रुपये का चढ़ावा चढ़ाया। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। उधर, चिंतपूर्णी मंदिर में चैत्र नवरात्र के दूसरे दिन वीरवार को 10,000 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए ने किए । वहीं, मां के दरबार में पहले नवरात्र में 7.18 लाख रुपये चढ़ावा चढ़ा। उधर, श्री नयनादेवी जी में चैत्र मेले के दूसरे दिन 8,000 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। दूसरे नवरात्र पर श्रद्धालुओं ने मां ब्रह्मचारिणी के दर्शन कर पूजा अर्चना की। वहीं, श्रद्धालु दिल खोल कर मां के दरबार में चढ़ावा चढ़ा रहे हैं। पहले नवरात्र के दिन मंदिर न्यास को नौ लाख रुपये से अधिक नकद के साथ सोना, चांदी और विदेशी मुद्रा प्राप्त हुई।