बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध मंदिर को दुल्हन की तरह सजाया
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बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में चैत्र मेलों को लेकर तैयारियां मकम्मल कर ली गई हैं। 14 मार्च से 13 अप्रैल तक होने वाले मेलों को लेकर मंदिर को दुल्हन की तरह सजाया गया है। जिलाधीश अमरजीत सिंह झंडा रस्म के साथ मेले का शुभारंभ करेंगे। दियोटसिद्ध में पहली बार चैत्र मेलों के दौरान होने वाली गतिविधियों पर ड्रोन की निगरानी रहेगी। इन मेलों के दौरान बाबा के दरबार में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु शीश नवाने के लिए आते हैं।
पुलिस विभाग और न्यास के 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों के अलावा पुलिस व होमगार्ड के जवानों की 24 घंटे तैनाती रहेगी। ये श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था के साथ उनका मार्गदर्शन करने में भी सहयोग करेंगे। चैत्र मेलों के लिए दियोटसिद्ध नगरी को चार सेक्टरों में विभाजित किया है। हर सेक्टर में अधिकारी के तौर पर नायब तहसीलदार को नियुक्त किया है। पौणाहारी के दरबार पहुंचने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बिजली, पानी, स्वास्थ्य से संबंधित मूलभूत सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए अटूट लंगर की व्यवस्था भी की गई है। मंदिर परिसर को 24 घंटे खुला रखा जाएगा।
बीमार, दिव्यांगों के लिए फ्री यातायात सुविधा
बुजुर्ग, बच्चों और बीमार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए गाड़ियों की निशुल्क सेवा की व्यवस्था की गई है। ये गाड़ियां श्रद्धालुओं की सेवा के लिए 24 घंटे मंदिर परिसर में तैनात रहेंगी। दूसरे श्रद्धालुओं के लिए एचआरटीसी की बस सेवा शाहतलाई से दियोटसिद्ध तक दिनभर चलती रहेगी। बिलासपुर और हमीरपुर एचआरटीसी डिपो की तरफ से श्रद्धालुओं के लिए यह बस सेवा एक माह तक दिन के समय चलाई जाएगी।
एसडीएम बड़सर डॉ. रोहित शर्मा ने कहा कि दियोटसिद्ध में चैत्र मेलों की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। श्रद्धालुओं को दियोटसिद्ध में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए भी व्यवस्थाएं की गई हैं। एसडीपीओ बड़सर सचिन हीरेमठ ने कहा कि दियोटसिद्ध में चैत्र मेलों के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुख्ता इंतजाम किए हैं। पहली बार दियोटसिद्ध की गतिविधियों पर ड्रोन से नजर रखी जाएगी।