निगमों-बोर्डों के अध्यक्षों-उपाध्यक्षों और ओहदेदारों को रहने के लिए मंत्रियों की सरकारी कोठियां नहीं दी जाएंगी। सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने इस पर स्थिति साफ करते हुए कहा है कि ये आवास सिर्फ मंत्रियों के लिए ही अलाट किए जाएंगे।
दरअसल, दो मंत्रियों के इस्तीफों के बाद कोठियां खाली हैं। लिहाजा, अध्यक्षों-उपाध्यक्षों समेत सचिवालय में तैनात पार्टी के करीब एक दर्जन ओहदेदारों ने इन कोठियों के लिए आवेदन किए हैं।
जीएडी का मानना है कि अगर ओहदेदारों को कोठियां अलाट की जाती हैं तो बाद में प्रशासन के लिए मुश्किल आ सकती है। सरकार मंत्री बनाने की घोषणा करती है तो उनके लिए आवास का प्रबंध करना सचिवालय सामान्य प्रशासन की जिम्मेदारी है।
ऐसे में जीएडी ओहदेदारों को अलग से आवास उपलब्ध कराएगा। उल्लेखनीय है कि मंडी संसदीय क्षेत्र से बेटे आश्रय शर्मा के कांग्रेस से लोकसभा चुनाव लड़ने पर पूर्व ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा ने पद छोड़ दिया था।
वहीं, कांगड़ा संसदीय क्षेत्र से किशन कपूर ने भी सांसद बनने के बाद खाद्य आपूर्ति मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। इसी वजह से दोनों पूर्व मंत्रियों की कोठियां खाली पड़ी हैं।