कोविड-19 के चलते ऑक्सीमीटर, गैस सिलिंडर ही नहीं, बल्कि 18 और स्वास्थ्य संबंधित आइटम खरीदी गई हैं। बाकायदा, अस्पतालों में गैस पाइप तक बिछाई गई है। कांग्रेस नेताओं के आरोपों को निराधार बताया है। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग शिमला के कार्यपालक अभियंता ने स्पष्ट किया कि हिमाचल के विभिन्न जिला अस्पतालों में मेडिकल गैस पाइपलाइन ऑक्सीजन सिस्टम स्थापित करने के लिए बोली प्रणाली में ऑनलाइन आइटम दरों की ई-टेंडरिंग की गई।
यह 16 मई, 2020 को की गई। इसमें किसी कंपनी ने भाग नहीं लिया। 23 मई को फिर ऑनलाइन ई-टेंडरिंग की गई। इसमें 4 कंपनियों ने भाग लिया। जिस कंपनी का रेट सबसे कम था, उसे नियम और शर्तों के मुताबिक काम दिया गया। जहां तक ऑक्सीमीटर, ऑक्सीजन सिलिंडर की खरीद की बात है, ऐसी कोई खरीदारी नहीं हुई है। कोविड-19 के चलते अस्पतालों में गैस पाइपलाइन बिछाने का काम करने के साथ 18 और आइटम की खरीदारी और काम हुए हैं।
इसमें फिंगर टिप, सिलिंडर वॉल्ब, सुरक्षा टोपियां, प्रवाह मीटर, ह्यूमिडिटीफायर बोतल, बी और डी प्रकार के सिलिंडर सहित अन्य उपकरण के साथ यह रेट पड़ा है। लोडिंग और अनलोडिंग सहित जीएसटी अलग से है। कंपनी से 3 साल की गारंटी ली गई है।
केंद्रीय लोक निर्माण विभाग शिमला के कार्यपालक अभियंता वैद्युत ने स्पष्ट किया कि नियमों के तहत काम हुआ है। केवल सिलिंडर की खरीदारी नहीं हुई है। कंपनी ने अस्पतालों में पाइप बिछाने से लेकर 18 अन्य खरीदारी की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता कौल सिंह, जीएस बाली और अन्य नेताओं की ओर से लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है।