केंद्र सरकार ने प्रदेश को मनरेगा कार्यों के लिए लगाए गए मैटीरियल के भुगतान के लिए पांच करोड़ रुपये का बजट जारी किया है। केंद्र से बजट जारी होते ही राज्य सरकार ने बजट प्रदेश के सभी जिलों को रिलीज कर दिया है। इससे पहले मैटीरियल के भुगतान के लिए प्रदेश पर पंद्रह करोड़ रुपये की देनदारी थी। पांच करोड़ जारी होने से मनरेगा के रुके कार्यों को गति मिलेगी।
हमीरपुर जिला को 19 लाख रुपये का बजट मिला है। डीआरडीए हमीरपुर ने फिलहाल इतनी ही राशि का बजट उठाया है। हालांकि जिला हमीरपुर मनरेगा मैटीरियल के भुगतान के लिए 56 लाख रुपये का देनदार है। वहीं मजदूरी और मैटीरियल को मिला लिया जाए तो यह देनदारी 68 लाख बैठती है।
इस बीच 19 लाख रुपये का बजट मिलने जिला पर 37 लाख रुपये का कर्जदार रहेगा। वहीं प्रदेश के अन्य जिलों ने भी अपने कार्यों के अनुसार बजट उठा लिया है। उधर, परियोजना अधिकारी डीआरडीए हमीरपुर संजीत ठाकुर का कहना है कि सरकार ने प्रदेश को मनरेगा मैटीरियल के भुगतान के लिए पांच करोड़ रुपये का बजट बीते 13 सितंबर को जारी किया है।
पांच करोड़ रुपये के बजट से प्रदेश में मनरेगा मैटीरियल के कई भुगतान किए जा सकेंगे। जिला हमीरपुर ने 19 लाख रुपये का बजट लिया है। इससे केवल 35 लाख रुपये के मैटीरियल की देनदारी रहेगी।
किस जिले पर कितनी देनदारी
13 सितंबर 2017 के आंकड़ों के अनुसार मनरेगा मैटीरियल के लिए प्रदेश में सबसे ज्यादा कांगड़ा जिला देनदार है। कांगड़ा जिला को मैटीरियल के लिए कुल 3.90 करोड़ की देनदारी चुकानी है। वहीं जिला चंबा 1.69 करोड़, सिरमौर 1.65 करोड़, मंडी 2.34 करोड़, बिलासपुर 1.06 करोड़, हमीरपुर 56 लाख, किन्नौर 16 लाख 97 हजार रुपये, कुल्लू 1.07 करोड़, शिमला 88 लाख, सोलन 50 लाख और जिला ऊना 1.29 करोड़ रुपये के मैटीरियल भुगतान का देनदार है।