राजधानी शिमला के लोगों को अभी जल संकट झेलते रहना होगा। केंद्र सरकार ने करीब 300 करोड़ के वाटर एंड सीवरेज प्रोजेक्ट की डीपीआर को खारिज कर दिया है।
31 मार्च 2014 को प्रोजेक्ट का एक्सटेंशन पीरियड खत्म होने और चुनाव आचार संहिता का हवाला देते हुए डीपीआर को मंजूरी नहीं मिली है।
नगर निगम शिमला और राज्य सरकार की खींचतान के चलते शहर के लिए महत्वाकांक्षी योजना अब अधर में लटक गई है।
केंद्र सरकार के शहरी विकास विभाग मंत्रालय से निदेशक शहरी विकास विभाग हिमाचल प्रदेश और नगर निगम शिमला को आए पत्र में इसकी पुष्टि हुई है।
शहरी विकास विभाग विभाग ने आईपीएच द्वारा बनाई गई रिवाइज डीपीआर को मंजूरी के लिए केंद्र को भेजा था।