प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के लिहाज से एक अच्छी सूचना है। उनके क्षेत्र में स्थापित होने वाले उद्योग, कल कारखाने, प्रोजेक्ट्स और निजी कंपनियों के मुनाफे का 15 फीसदी हिस्सा उन्हें गांव के विकास पर खर्च करना होगा।
ऐसा न करने वाली कंपनियों को बंद तक कराया जा सकता है। इस पर राज्य जैव विविधता बोर्ड ने एक प्रस्ताव तैयार किया है। इसमें सूबे की 100 कंपनियों की एक सूची बनाई गई है।
इन कंपनियों के साथ लोकसभा चुनाव के बाद राज्य जैव विविधता बोर्ड की बैठक होगी। इसमें अंतिम रूप दिया जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता एक्ट में यह प्रावधान है कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित की जाने वाली कंपनियों को अपने मुनाफे का 15 प्रतिशत अंश उस गांव के विकास के नाम पर खर्च करना होगा।