इसे लेकर देश के सभी राज्यों की प्रगति रिपोर्ट की सूची तैयार की गई है। केंद्र ने स्वीकृत सड़कों के लिए गैर परंपरागत सामग्री और हरित तकनीक अपनाकर इस लक्ष्य को हासिल करने को कहा था।
यानी इन्हें टारिंग करने में प्लास्टिक वेस्ट और कोल्ड मिक्स का इस्तेमाल करने को कहा है। केंद्र ने उम्मीद जताई कि आने वाले शेष महीनों में हिमाचल इस लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में ठीक से काम करेगा।
आठ किलोमीटर नहीं, बल्कि ज्यादा सड़कों की ग्रीन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर टारिंग की गई है। पत्र के बारे में जानकारी नहीं है। इसे देखने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। - आरपी वर्मा, प्रमुख अभियंता इंजीनियर, लोक निर्माण विभाग