प्रदेश में माइनिंग ऑफिसर और निरीक्षक बिग बॉस यानी सीसीटीवी से अवैध खनन पर नजर रखेंगे। राज्य में करीब चार सौ खनन पट्टे जारी किए गए हैं। सरकार ने माइनिंग ऑफिसर और निरीक्षकों को आदेश दिए हैं कि प्रदेेश के विभिन्न हिस्सों में अवैध खनन करने वालों पर नजरें रखें। सरकार ने फैसला लिया है कि खनन पट्टों की नीलामी करने के बाद अनुबंध में ही सीसीटीवी लगाने की शर्त रख दी है।
इसके बाद खनन की मंजूरी तभी दी जाएगी, जब खानों के चारों ओर कैमरे लगाए जाएंगे। राज्य में अवैध खनन रोकने को पुराने खनन पट्टा मालिकों को भी जमीन के चारों ओर कैै मरे लगाना अनिवार्य कर दिया है। अभी तक सरकार ने ऐसी कोई ठोस व्यवस्था नहीं की थी कि अवैध खनन करने वालों पर शिकंजा कसा जा सके।
इसी कमजोरी के कारण राज्य में कई स्थानों पर अवैध खनन जोरों पर चलता रहा है। सरकार ने निर्देश दिए हैं कि अगर राज्य के विभिन्न हिस्सों में खनन क्षेत्रों में कैमरे नहीं लगाए तो सरकार पट्टा रद्द कर देगी। खनन गतिविधियों पर भी तत्काल रोक लगा दी जाएगी।
राज्य भर में 400 खनन पट्टे जारी
प्रदेश सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में 400 खनन पट्टे जारी किए हैं। इनमें 135 खनन पट्टों को केंद्र से पर्यावरण मंजूरी का इंतजार है। इन सभी खानों में सीसीटीसी कैमरे लगाना अनिवार्य किया है।
क्या कहते हैं कि राज्य जियोलॉजिस्ट
राज्य जियोलॉजिस्ट पुनीत गुलेरिया ने कहा कि खानों में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य किया है। माइनिंग अधिकारियों और निरीक्षकों को मॉनीटरिंग करने के लिए कहा है। अवैध खनन रोकने को समय समय पर सीसीटीवी फुटेज खंगालने को भी कहा है, ताकि अवैध खनन के मामले पकड़े जा सकें।