मोबाइल से प्रश्नपत्र की फोटो खींचने के बाद राकेश ने प्रश्नपत्र वापस बंडल में डालकर उसे फिर से सील कर दिया। उसके बाद उसने ट्यूशन पढ़ने वाले एक छात्र को अपने घर बुलाकर प्रश्नपत्र की हस्तलिखित प्रति तैयार करवाई और उसके फोटो शॉट भी अपने मोबाइल में ले लिए।
आरोपी ने इसके बाद हस्तलिखित प्रति की फोटो व्हाट्सएप के जरिये फिरोजपुर में रहने वाली अपनी भाभी को भेज दी। इसके बाद ही यह प्रश्नपत्र आगे कई व्हाट्सएप ग्रुप में वायरल हो गया। राकेश ने बाद में अपने मोबाइल से सभी सबूत डिलीट कर दिए। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में राकेश के खिलाफ आईपीसी की धारा 201 जोड़कर मामला दर्ज कर लिया है।
गौर हो कि इस मामले में दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा हिमाचल के ऊना से शिक्षक राकेश शर्मा के अलावा क्लर्क अमित शर्मा और चपरासी अशोक कुमार को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
तीनों आरोपी ऊना स्थित डीएवी सेंटेनरी पब्लिक स्कूल के कर्मचारी हैं। इस सिलसिले में क्राइम ब्रांच द्वारा गठित एक एसआईटी ने मंगलवार को संबंधित स्कूल में दबिश देकर प्रधानाचार्य से आरोपियों से संबंधित रिकार्ड भी तलब किया था।
सीबीएसई पेपर लीक मामले में दिल्ली की क्राइम ब्रांच टीम ने हिमाचल के तीन और लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें यूनियन बैंक ऊना के मैनेजर, हेड कैशियर और मास्टरमाइंड राकेश शर्मा की रिश्तेदार भाभी शामिल है।
एसआईटी ने तीनों को कहां से गिरफ्तार किया, इसका खुलासा नहीं हुआ है, लेकिन बताया जा रहा है कि अपराध शाखा की टीम ने बीती रात ऊना में दबिश देकर बैंक मैनेजर शेरू राम और हेड कैशियर ओमप्रकाश को उनके घर से उठाया, जबकि राकेश की भाभी को फिरोजपुर से गिरफ्तार किया गया।
मामले में बैंक मैनेजर और कैशियर की प्रश्नपत्रों की सुरक्षा को लेकर बड़ी चूक सामने आई है, जबकि आरोपी की भाभी ने दोनों प्रश्नपत्रों को व्हाट्सएप ग्रुप में आगे वायरल किया। पहले गिरफ्तार किए तीनों आरोपियों से कड़ी पूछताछ से पता चला कि राकेश ने दोनों कक्षाओं के प्रश्नपत्र भाभी के साथ साझा किए।
भाभी पर आरोप है कि उसने अपने मोबाइल पर आए प्रश्नपत्र की प्रति पंचकूला स्थित अपनी बहन को भेजी। बहन ने इसे पश्चिम विहार दिल्ली में रहने वाली अपनी एक सहेली को भेजा। बहरहाल इस पूरे मामले में भाभी की भी अहम भूमिका सामने आई है, लिहाजा पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।
एसआईटी के एक अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार बैंक अधिकारियों को उस वक्त स्ट्रांग रूम में होना चाहिए था, जब राकेश लॉकर से पेपर निकाल रहा था।
एसआईटी ने इस सिलसिले में बैंक में मौजूद सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद दोनों बैंक कर्मियों को गिरफ्तार किया है। दोनों बैंक अधिकारियों ने सीबीएसई के निर्देशों का उल्लंघन किया है। उक्त कर्मियों ने राकेश को लॉकर तक अकेले जाने दिया।
इस मामले में और लोगों का भी हाथ हो सकता है। लिहाजा अपराध शाखा की जांच अभी जारी है। -आलोक कुमार, ज्वाइंट कमिश्नर, दिल्ली पुलिस
सीबीएसई दसवीं का पेपर भी ऊना जिला से लीक होने के बाद हाई प्रोफाइल हो चुके पेपर लीक मामले में दसवीं की परीक्षा में प्रविष्ट हो चुके एक निजी स्कूल के ही उच्चाधिकारी के बेटे और एक आरोपी की रिश्तेदार छात्रा को फायदा पहुंचाने की बात सामने आ रही है। सूत्र बताते हैं कि इस पूरे मामले में गिरफ्तार एक आरोपी की भतीजी भी इस बार दसवीं के पेपर में शामिल हुई है।
आशंका जताई जा रही है कि इन दोनों छात्रों को फायदा पहुंचाने के मकसद से भी पेपर लीक प्रकरण के मास्टरमाइंड आरोपी ने इस वारदात को अंजाम दिया हो। सूत्रों के मुताबिक दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच इस एंगल से भी मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने जल्द इस मामले से जुड़े कुछ अन्य लोगों की गिरफ्तारी की संभावना से इंकार नहीं किया है।
पुलिस संदिग्ध आरोपियों के खिलाफ सुबूत जुटा रही है। जैसे ही पुलिस के पास पर्याप्त सुबूत एकत्र होंगे इस मामले में तीन से लेकर चार तक और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। पुख्ता सूत्रों के मुताबिक अभी तक गिरफ्तार कुल छह लोगों में से एक आरोपी की भतीजी के अलावा ऊना के एक निजी स्कूल के उच्चाधिकारी के बेटे ने सीबीएसई की दसवीं कक्षा की परीक्षा दी है।
मामले में गिरफ्तार हुए आरोपियों की संबंधित छात्रों से नजदीकियां हैं। वहीं, सूत्र बताते हैं कि परीक्षा केंद्र से संबंधित दो अन्य लोगों पर भी क्राइम ब्रांच की नजर है। इन लोगों से जल्द पूछताछ हो सकती है। जबकि दूसरी ओर क्राइम ब्रांच ने मामले में संलिप्त उस नाबालिग छात्र से भी पूछताछ की है, जिसने आरोपी के लिए पेपर की हस्तलिखित कॉपी तैयार की।
फिलहाल कानूनी पेंच को देखते हुए दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उक्त आरोपी छात्र को गिरफ्तार नहीं किया है। दिल्ली पुलिस द्वारा गठित एसआईटी के जांच अधिकारी सुशील कुमार का कहना है कि पुलिस जांच में आगे बढ़ रही है। वह इससे ज्यादा कुछ भी कहने के लिए अधिकृत नहीं हैं।