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HP Scholarship Scam: सीबीआई ने छात्रवृत्ति घोटाले का कब्जे में लिया रिकाॅर्ड, दोनों एजेंसियां कर रहीं जांच

Thu, 23 Jan 2025 10:20 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

बहुचर्चित 181 करोड़ रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले में केंद्रीय एजेंसियों (सीबीआई और ईडी) की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं। 
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छात्रवृत्ति घोटाला - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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हिमाचल के बहुचर्चित 181 करोड़ रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले में केंद्रीय एजेंसियों (सीबीआई और ईडी) की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं। इस मामले की जांच ये दोनों एजेंसियां कर रही हैं। घोटाले की जांच कर रहे शिमला कार्यालय के डीएसपी को चंडीगढ़ सीबीआई ने गिरफ्तार किया है। डीएसपी पर घोटाले में नामजद आरोपियों से मिलने वाली रिश्वत में से 10 फीसदी कमीशन मांगने का आरोप है। वहीं, ईडी के सहायक निदेशक विशाल दीप के गिरफ्तार होने के बाद प्रवर्तन निदेशालय भी मनी लाॅन्ड्रिंग से जुड़े मामले की नए सिरे से जांच कर रहा है। उधर, सीबीआई चंडीगढ़ ने मामले की जांच कर रहे शिमला कार्यालय से रिकाॅर्ड कब्जे में ले लिया है। आरोपी डीएसपी का तबादला होने के बाद अब सीबीआई कार्यालय शिमला में डीएसपी गोविंद सिंह सोलंकी की तैनाती की गई है।

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उधर, प्रवर्तन निदेशालय के दिल्ली मुख्यालय ने जांच का जिम्मा शिमला सब जोनल उपनिदेशक और मुख्यालय के संयुक्त निदेशक को सौंप दिया है। इससे पहले पहले मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच शिमला कार्यालय के सहायक निदेशक कर रहा था, उसे रिश्वत लेने के आरोप में सीबीआई चंडीगढ़ ने पहले ही गिरफ्तार किया है। सीबीआई दोनों से पूछताछ कर रही है। सीबीआई जांच कर रही है कि ईडी के पूर्व सहायक निदेशक ने पद पर रहते हुए और कंपनियों से भी पैसे तो नहीं मांगे हैं। इसे लेकर भी बद्दी, बरोटीवाला, कालाअंब में कंपनी संचालकों से पूछताछ की जा रही है।
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उल्लेखनीय है कि घोटाले के आरोप में फंसे निजी शिक्षण संस्थानों के संचालकों से मांगी रिश्वत मामले में ईडी मुख्यालय ने शिमला का स्टाफ बदल दिया है। मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ीं दो शिकायतों में ढाई करोड़ की रिश्वत मांगने के मामले में सीबीआई की कार्रवाई पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पर की गई कार्रवाई से हर कोई हैरत में है। लोगों का मानना है कि दोनों केंद्र की एजेंसियां है। अगर इनके अधिकारियों पर आरोप-प्रत्यारोप लगने शुरू हो गए हैं तो लोग किस पर भरोसा करें। गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2012 से 2017 के बीच करीब 29 शिक्षण संस्थानों की ओर से किए गए छात्रवृत्ति घोटाले में सीबीआई ने धोखाधड़ी, जबकि ईडी ने धन शोधन को लेकर केस दर्ज किया है। धन शोधन से जुड़े मामले में शिमला ईडी के सहायक निदेशक विशाल दीप पर आरोप है कि उसने दो शिक्षण संस्थान संचालकों से ढाई करोड़ रुपये रिश्वत मांगी थी।
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