खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री किशन कपूर ने कहा है कि हिमाचल के राशन डिपुओं को जल्द ही कैशलेस कर दिया जाएगा। डिपो में राशन लेने पर अब उपभोक्ताओं को नकद भुगतान नहीं करना होगा। इसके लिए उपभोक्ताओं को आधार से लिंक किया गया है। कपूर नाहन में खाद्य एवं आपूर्ति मामलों से संबंधित समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि अब राशन के कैश मेमो व बिल मोबाइल के माध्यम से भी दिए जा रहे हैं। एक वेबसाइट बनाई गई है, जिससे कारोबारियों को राहत मिली है। व्यापारी घर बैठे अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। कई बार लाभार्थी परिवार अपने राशन का पूरा कोटा नहीं लेते, जिससे डिपो होल्डर के पास राशन बच जाता है। इसके लिए भी आधुनिक तकनीक अपनाई जा रही है। दुकान में पहुंचते ही राशन के कोटे का सीधा लिंक हेड ऑफिस में होगा।
पॉस मशीन से लिंक होने के बाद उच्च अधिकारियों के पास यह जानकारी पहुंच जाएगी कि किस डिपो में राशन का कितना कोटा बचा है। इसके बाद डिपो होल्डर को आवश्यकता के अनुसार ही राशन का कोटा जारी किया जाएगा। किशन कपूर ने कहा कि राशन की खरीद में पारदर्शिता लाई जा रही है।
दालों की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। केंद्र सरकार की एजेंसी एनसीएफ से दालें खरीदी जा रहीं हैं। इससे प्रति माह 2.63 करोड़ की बचत हो रही है। चीनी हरियाणा की सरकारी मिल से खरीदकर प्रति माह चार करोड़ बचाए जा रहे हैं। नए टेंडर के बाद सालाना 78 करोड़ रुपये की बचत होगी।
शीघ्र ही हिमाचल में केंद्र सरकार की गृहिणी सुविधा योजना शुरू होगी। 12 करोड़ रुपये की योजना समस्त उपभोक्ताओं के लिए होगी। उन्होंने कहा कि खाद्य तेल के टेंडर हो गए हैं। डिपुुओं तक सप्लाई पहुंचनी शुरू हो गई है। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, विधायक सुरेश कश्यप, सुखराम चौधरी, पूर्व विधायक बलदेव तोमर और विभग़ीय अधिकारी उपस्थित थे।
कोताही पर करें शिकायत- कपूर ने कहा कि विभाग ने ईपीडीएस ऐप शुरू किया है। इस ऐप के जरिए किसी भी तरह की जानकारी ली जा सकती है। किसी भी डिपो से संबंधित शिकायत इस ऐप के जरिए सीधा आला अधिकारियों तक पहुंचेगी। टोल फ्री नंबर 1967 पर भी लोग अपनी दिक्कतें बता सकते हैं।