केंद्र सरकार ने आईआईटी मंडी को विशेष शिक्षण संस्थान और राष्ट्रीय स्तर का दर्जा दे दिया है। आईआईटी का बजट 760 करोड़ से बढ़ाकर 1466 करोड़ कर दिया है। यह बजट पूर्व की तुलना में लगभग दो गुना है। पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेमकुमार धूमल ने यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने उन्हें स्वयं फोन कर इसकी जानकारी दी है।
स्मृति ईरानी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मामले का संज्ञान लेते हुए आईआईटी मंडी का बजट बढ़ाने का फैसला लिया है। इससे आने वाले समय में यह संस्थान राष्ट्र के प्रमुख आईआईटीज में शामिल हो जाएगा। धूमल ने कहा कि आईआईटी मंडी का कार्य साल 2008 में शुरू हुआ था।
उस समय इसका प्रस्तावित बजट 760 करोड़ था, लेकिन यूपीए सरकार द्वारा बजट का सही आंकलन नहीं होने की वजह से आईआईटी मंडी के विस्तारीकरण की योजनाओं में धन की कमी आड़े आ रही थी। इस वजह से संस्थान के निर्माण कार्य रुके थे।