भारत के सभी स्कूलों और कॉलेजों के एनसीसी कैडेटों का डाटा ऑनलाइन होगा। अधिकारी दिल्ली मुख्यालय में बैठकर ही देख सकेंगे कि किस राज्य में कितने कैडेटों ने दाखिल लिया है। खास बात यह है कि जिस एनसीसी कैडेट का डाटा ऑनलाइन हो जाएगा, वह उम्र भर वहां देखा जा सकेगा। कैडेटों को मिलने वाले सभी आर्थिक लाभ भी सीधे उनके खाते में आएंगे।
कॉलेजों में प्रथम वर्ष में दाखिला लेने वाले सभी एनसीसी कैडेटों को ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा। कॉलेजों में तैनात एनसीसी अधिकारी उनके ऑनलाइन फॉर्म भरवाएंगे। इसमें नाम, पता, उम्र से लेकर उनका बैंक खाता भी दर्ज किया जाएगा। इससे कैडेटों को दिए जाने वाले परेड पर रिफ्रेशमेंट, वर्दी सिलवाने के लिए पैसे तथा अन्य आर्थिक लाभ सीधे उनके खाते में आएंगे।
स्कूलों में सभी कैडेटों का डाटा ऑनलाइन करने का कार्य शुरू हो चुका है। 2-एचपी बटालियन एनसीसी मंडी की बात करें तो कॉलेजों में 640 कैडेट हैं, जबकि स्कूलों में करीब 2850 कैडेट हैं। बिलासपुर कॉलेज केे आर्मी विंग के एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट जयचंद महवाल का कहना है कि बिलासपुर कॉलेज में सत्र शुरू होते ही एनसीसी कैडेटों का रिकॉर्ड ऑनलाइन करने का कार्य शुरू हो जाएगा। कॉलेज में 50 कैडेटों की सीटें हैं।
2-एचपी बटालियन एनसीसी मंडी कमान अधिकारी कर्नल परमिंद्र सिंह ने कहा कि कॉलेजों में नए एनसीसी कैडेटों का रिकॉर्ड ऑनलाइन हो जाएगा। रिफ्रेशमेंट से लेकर अन्य जो भी खर्चे कैडेटों को दिए जाते हैं, वह भी उनके खाते में आएंगे।
स्कूलों को दिया 15 दिन का अतिरिक्त समय
एनसीसी कैडेटों का रिकॉर्ड ऑनलाइन करने को 31 मई तक समय दिया था, लेकिन कुछ स्कूलों में अभी तक रिकॉर्ड ऑनलाइन नहीं हुआ है। अब इन स्कूलों को 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया है।