प्रदेश के 12 जिलों में स्थित एनसीसी यूनिटों के अधीन आने वाले स्कूलों, कॉलेजों में एनसीसी विंग को ज्वाइन करने वाले कैडेट अपने हिसाब से वर्दी सिलवा सकेंगे।
सरकार की ओर से इन्हें कपड़ा मुहैया करवाया जाएगा, जबकि सिलाई का खर्च उनके खातों में आ जाएगा। इस बाबत केंद्र सरकार ने निर्देश जारी किए हैं। इसके बाद प्रदेश भर से एनसीसी कैडेटों से उनके दस्तावेज मंगवाए जा रहे हैं।
दसअसल शिमला, मंडी, बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा, किन्नौर, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, सिरमौर, सोलन, ऊना में एनसीसी यूनिटों के अधीन आने वाले कॉलेजों और स्कूलों में सैकड़ों कैडेट्स हैं।
एनसीसी विंग ज्वाइन करने वाले कैडेटों को पुरानी यूनिफार्म पहननी पड़ती थी। साथ ही कई बार तो युवक-युवतियों को मिलने वाली पुरानी यूनिफार्म उनके नाप के मुताबिक भी नहीं होती थी।
न चाहते हुए भी उन्हें पुरानी वर्दी से काम चलाना पड़ता था। लेकिन अब कैडेट्स अपनी मर्जी से वर्दी सिलवा सकेंगे।
इधर, युवाओं में राजीव कुमार, नीटू सिंह, अक्षय कुमार, रोहित कुमार, विनय कुमार, राहुल, अमित कुमार, संजीव और संदीप भारद्वाज ने कहा कि एनसीसी कैडेटों को नई वर्दी मिलना, साथ में वर्दी सिलाई का खर्च मिलना खुशी की बात है।
लेफ्टिनेट नवेंदु बंसल ने बताया कि एनसीसी कैडेटों के दस्तावेज डलहौजी स्थित एनसीसी यूनिट में जमा करवाए गए हैं। कैडेटों को नई वर्दी मिलना उनके लिए अच्छी खबर है।
ये दस्तावेज करवाने होंगे जमा
आधार कार्ड नंबर, अकाउंट नंबर, आईएफएससी कोड, रेजिमेंटल नंबर, कैडेट्स का पूरा नाम व पता संबंधी दस्तावेज जमा करवाने होंगे।
एनसीसी ग्रुप हेडक्वार्टर शिमला के ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर ललित जोशी ने बताया कि केंद्र सरकार के आदेशानुसार एनसीसी कैडेटों को नई यूनिफार्म दी जाएगी। कैडेट के खाते में सिलाई का पैसा आएगा।
सिलाई खर्च अभी तक सरकार तय नहीं किया है। बहरहाल, इस बाबत प्रदेश भर में स्थित एनसीसी यूनिटों से कैडेटों के दस्तावेज मंगवाए गए हैं।