नर्सरी दाखिले को लेकर बुधवार को अभिभावकों की भाग दौड़ शुरू हो गई है। उनका पहला दिन स्कूलों के दाखिला मानदंडों को समझने में बीता। ज्यादातर स्कूलों ने जानकारी वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी है। जिससे स्कूलों में अभिभावकों की संख्या कम देखने को मिली।
हालांकि कई जगहों पर वह फॉर्म लेने के साथ स्कूल देखने पहुंचे। दरअसल, दिल्ली सरकार ने इस बार मानदंड तय करने की छूट स्कूलों को दी है। वह खुद इसे तय कर अपने वेबसाइट डालेंगे।
ज्यादातर स्कूलों ने नेबरहूड (स्कूल से नजदीक रहने वाले) और सिबलिंग (भाई बहन) को इस बार ज्यादा अंक दिए है। स्कूलों ने 30 से लेकर 60 अंक तक सिर्फ नेहरहूड वर्ग को दिया है। सिबलिंग में भी 40 अंक तक मिल रहे है।
नामी स्कूलों ने एल्युमनी कैटेगिरी में 30 अंक तक दिए है। इसके अलावा अलग-अलग कैटेगिरी में अंक दिए जा रहे हैं। उधर, स्कूलों ने सिंगल अभिभावकों को 5 से लेकर 20 अंक दिए हैं।
सरकार के हिदायत के बाद भी कई स्कूलों ने अपर एज लिमिट तय कर दी है, जबकि सरकार ने ऐसा करने से मना किया था। स्कूलों का तर्क है उन्हें कोर्ट से इस पर मंजूरी मिली है। वहीं, शिक्षा निदेशालय के अधिकारियों का कहना है की अपर एज लिमिट की व्यवस्था अगले साल से लागू होगी।
ईडब्ल्यूएस वर्ग के अभिभावकों में असमंजस
सामान्य वर्ग में नर्सरी दाखिले की दौड़ शुरू होने के साथ आर्थिक रूप से कमजोर (ईडब्ल्यूएस) वर्ग के अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। सोमवार को कुछ स्कूल में ऐसे अभिभावक भी फॉर्म लेने पहुंचे लेकिन उन्हें लौटा दिया गया। दरअसल, सरकार ने अभी तक इस वर्ग में दाखिला को लेकर दिशा निर्देश जारी नहीं किया है।