अनुबंध पर न लिए जाने से खफा पीसमील वर्करों ने मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को एचआरटीसी की तारादेवी कार्यशाला में पीसमील वर्करों की राज्य स्तरीय बैठक हुई। इसमें 150 के करीब पीसमील वर्करों ने हिस्सा लिया।
वर्करों ने दो टूक कहा कि यदि समस्या का समाधान नहीं किया गया तो अब आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। प्रधान संजीव कुमार, खेम चंद, हरिकृष्ण, घनश्याम, मनोज, रोशन लाल ने कहा कि निगम की कार्यशालाओं में 900 से अधिक पीसमील वर्कर दिन-रात सेवाएं दे रहे हैं।
आईटीआई डिप्लोमा होल्डर के लिए पांच साल और गैर आईटीआई वाले वर्करों के लिए छह साल की नीति भी बनी हुई है। इससे पीसमील वर्करों को राहत मिली थी।
इस नीति में तीन बैचों को निगम की ओर से पांच और छह साल की अवधि पूरी करने के बाद अनुबंध पर लिया भी जाता रहा लेकिन अब सात और आठ साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद भी अनुबंध पर नहीं लिया जा रहा है।
इससे इस वर्ग में रोष है। कार्यशाला का बहुत सा काम इसी वर्ग के कंधों पर है। वर्कर्स के लिए आज तक छुट्टी तक का प्रावधान नहीं किया गया और न ही उचित वेतनमान दिया जा रहा है।
बैठक के दौरान एक बार फिर से सरकार से अपील की गई कि इस वर्ग को जल्द से जल्द अनुबंध पर लाया जाए। अगर ऐसा नहीं होता है तो प्रदर्शन किया जाएगा।