कर्मचारी चयन आयोग ने टीजीटी आर्ट्स, मेडिकल और नॉन मेडिकल में प्रदेश के हजारों परीक्षार्थियों को जोर का झटका दिया है। आयोग ने टीजीटी परीक्षा की तिथि 17 जुलाई निर्धारित कर दी है। इससे परीक्षार्थियों को तैयारी के लिए बहुत कम समय मिला है। ऐसे परीक्षा तिथि को बढ़ाने की मांग उठने लगी है।
परीक्षार्थियों में सतीश, रजनीश, गौरव, अंकुश, मनीषा, सुरेश, संजीव, सतिंद्र और प्रवीण सहित अन्यों ने बताया कि कर्मचारी चयन आयोग ने फरमान जारी कर हजारों परीक्षार्थियों का भविष्य अंधकार की ओर धकेल दिया है। उन्होंने कहा कि इतने कम समय में इतने अहम एग्जाम की तैयारी कर पाना परेशानी का सबब बना हुआ है।
पहले तो परीक्षा के आवेदन के लिए उनको दर-दर भटकना पड़ा। टीजीटी के आवेदन के लिए पहले 21 जून अंतिम तिथि निर्धारित की गई, लेकिन वेबसाइट हांफ जाने से ज्यादातर परीक्षार्थी आवेदन तक नहीं कर पाए। परीक्षार्थियों की मांग पर आयोग ने आवेदन की तिथि को बढ़ाकर 25 जून कर दिया, तब जाकर परीक्षार्थी समय रहते आवेदन कर पाए। इसके बाद अब आयोग ने एकदम से परीक्षा की तिथि 17 जुलाई निर्धारित कर दी है जिससे परीक्षार्थियों के होश फाख्ता हो गए हैं।
परीक्षार्थियों की मानें तो इससे पहले आज तक कभी इस अहम परीक्षा के लिए इतना कम समय नहीं मिला है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि कर्मचारी चयन आयोग ने इससे पहले 10 व 17 जुलाई को फीमेल हेल्थ वर्कर, जेई इलेक्ट्रिकल, आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट
और इलेक्ट्रिशियन की तमाम परीक्षाएं स्थगित कर दीं और इसकी जगह पर टीजीटी की परीक्षा को निर्धारित कर दिया। परीक्षार्थियों ने कर्मचारी चयन आयोग और प्रदेश सरकार से मांग की है कि प्रदेश के हजारों बेरोजगार परीक्षार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए परीक्षा की तिथि को अगस्त के अंतिम सप्ताह में निर्धारित किया जाए।