हिमाचल प्रदेश के सभी कॉलेजों में अब छात्रों को तीनों साल अंग्रेजी विषय अनिवार्य कर दिया गया है। रूसा के तहत पहले कॉलेजों में अंग्रेजी विषय पढ़ने की अनिवार्यता नहीं थी। लेकिन विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार रूसा प्रणाली अपनाने वाले कॉलेजों में अब नए सत्र से अंग्रेजी अनिवार्य विषय के रूप में पढ़ना होगा।
यूजीसी ने इस संबंध में राज्य के सभी कॉलेजों के प्रिंसिपलों को नए दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए हैं। इसमें कहा गया है कि नए सत्र से दाखिला लेने वाले नए छात्रों को अब रूसा प्रणाली के तहत अंग्रेजी को वैकल्पिक विषय के रूप में पढ़ने की स्वतंत्रता नहीं होगी। इससे पहले अंग्रेजी विषय पढ़ना है या नहीं, यह छात्र की इच्छा पर निर्भर करता था।
नई गाइडलाइंस के अनुसार अब छात्र ऐसा नहीं कर सकेंगे और उन्हें अंग्रेजी कोर विषय के रूप में पढ़नी होगी। उल्लेखनीय है कि रूसा प्रणाली के तहत जब अंग्रेजी अनिवार्य नहीं थी तो हिमाचल के कॉलेजों के छात्रों को दूसरे राज्यों के विश्वविद्यालयों में दाखिला लेते समय परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
छात्रों की इस समस्या को ध्यान में रखते हुए अंग्रेजी को स्नातक स्तर पर अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा यूजीसी ने नई गाइडलाइन में स्पष्ट कर दिया है कि अब कॉलेज में विज्ञान संकाय के छात्र कला विषयों को नहीं पढ़ सकेंगे।
कॉलेजों में छात्रों की संख्या को देखते हुए शिक्षकों का कार्य बोझ कम हो सकेगा। रामपुर कॉलेज के उप प्राचार्य डॉ. जीआर नेगी ने पुष्टि करते हुए बताया कि यूजीसी की नई गाइडलाइन के तहत स्नातक स्तर पर अंग्रेजी विषय पढ़ना अनिवार्य कर दिया है।