जिला की 13 पंचायत समितियों में से दस में बन चुके अध्यक्ष और उपाध्यक्ष
तीन पंचायत समितियों में चुनाव होना शेष
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जिला परिषद चुनाव में पिछड़ने वाली कांग्रेस पंचायत समितियों में बढ़त बनाने में कामयाब रही है। जिले की 13 पंचायत समितियों में से अभी तक 10 में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव हो चुका है। इनमें सात पर कांग्रेस ने बाजी मारी है, जबकि भाजपा को तीन पंचायत समितियों में जीत मिली है।
तीन पंचायत समितियों ननखड़ी, नारकंडा और ठियोग में अभी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव होना है। कांग्रेस का दावा है कि इन तीनों जगहों पर भी पार्टी समर्थित उम्मीदवार ही अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुने जाएंगे। हालांकि, भाजपा भी अपनी जीत का दावा कर रही है। कांग्रेस का कहना है कि जिला शिमला की सात पंचायत समितियों मशोबरा, बसंतपुर, टुटू, जुब्बल, कोटखाई, रामपुर और रोहड़ू में पार्टी समर्थित सदस्य अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पदों पर काबिज हुए हैं।
इसके अलावा चौपाल, छौहारा और कुपवी पंचायत समितियों में भाजपा ने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पदों पर कब्जा जमाया है। कांग्रेस के शिमला ग्रामीण जिला अध्यक्ष हरिकृष्ण हिमराल ने कहा कि 10 में से सात पंचायत समितियों में पार्टी समर्थित सदस्य अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुने गए हैं। जिन तीन जगहों पर चुनाव होना बाकी है, वहां भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिला है।
जिला भाजपा अध्यक्ष केशव चौहान ने कहा कि पंचायतीराज चुनाव में जनता ने भाजपा को बहुमत दिया था, लेकिन कांग्रेस ने सत्ता का दुरुपयोग कर अपने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बनवाए हैं। उन्होंने कहा कि जिला परिषद में भी भाजपा आगे है, लेकिन हार से बचने के लिए सरकार अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव टाल रही है।
मंत्री-विधायकों ने सुन्नी और रामपुर में डाला डेरा
नगर पंचायत सुन्नी और नगर परिषद रामपुर में सोमवार को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव होगा। दोनों जगह स्थानीय विधायक भी मतदान के लिए मौजूद रहेंगे। उनके वोटों के दम पर कांग्रेस बराबरी पर आ जाएगी। नगर पंचायत सुन्नी में सात सीटों में से तीन पर कांग्रेस और तीन पर भाजपा को जीत मिली है, जबकि एक सदस्य निर्दलीय निर्वाचित हुआ है। यदि यह निर्दलीय भाजपा के पक्ष में जाता है, तो स्थानीय विधायक एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह का वोट अहम हो जाएगा। उनके वोट से कांग्रेस और भाजपा दोनों के पास चार-चार मत हो जाएंगे। इसके बाद पर्ची से अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव हो सकता है।
इसी तरह रामपुर में भी विधायक नंदलाल के वोट से कांग्रेस भाजपा की बराबरी पर पहुंच जाएगी। यहां भी ठियोग की तर्ज पर पर्ची से अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुने जा सकते हैं। चुनाव से पहले ही मंत्री और विधायकों ने इस क्षेत्र में डेरा जमा लिया है।