फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कैग रिपोर्ट ऊर्जा: ठेकेदारों को पांच की जगह 18 प्रतिशत की दर से जारी किया वस्तु एवं सेवाकर

Thu, 06 Apr 2023 05:00 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

विधानसभा सदन में रखी गई रिपोर्ट में बिजली बोर्ड की सौर संयंत्र स्थापित करने की योजना पर सवाल उठाए गए हैं। उच्च दरों पर कार्य अनुबंध करने और ठेकेदार को अनुचित लाभ देने की गड़बड़ियां भी रिपोर्ट में दर्शाई गई हैं।
विज्ञापन
कैग - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राज्य बिजली बोर्ड की ओर से ठेकेदारों को पांच की जगह 18 प्रतिशत की दर से वस्तु एवं सेवाकर का भुगतान करने का मामला महालेखा परीक्षक ने उठाया है। बुधवार को विधानसभा सदन में रखी गई कैग रिपोर्ट में बिजली बोर्ड की सौर संयंत्र स्थापित करने की योजना पर सवाल उठाए गए हैं। उच्च दरों पर कार्य अनुबंध करने और ठेकेदार को अनुचित लाभ देने की गड़बड़ियां भी रिपोर्ट में दर्शाई गई हैं। रिपोर्ट के अनुसार बिजली बोर्ड ने सौर संयंत्रों से संबंधित ठेकों में 21.03 लाख रुपये का अतिरिक्त भुगतान किया।

विज्ञापन


5.14 करोड़ रुपये अधिक खर्च किए गए
हिम ऊर्जा की दरों पर सौर संयंत्रों का कार्य अलग-अलग से नहीं देने के कारण 5.14 करोड़ रुपये अधिक खर्च किए गए। बोर्ड ने एक से 500 किलोवॉट तक के विद्युत उत्पादन की क्षमता की नेट मीटरिंग के साथ सौर संयंत्रों की स्थापना की कुल 12 परियोजनाओं में से नौ में एक ही रेट रखा जबकि तीन के रेट अलग-अलग दिए। अन्य मामले में कुल्लू सर्किल के तहत प्रणाली सुदृढ़ीकरण के मामले में तय सीमा के भीतर काम पूरा नहीं करने के बावजूद ठेकेदार से वसूली नहीं की गई। ठेकेदार को अनुचित लाभ दिया गया।

कैग ने आर्थिक प्रबंधन के लिए की यह सिफारिशें
शिमला। हिमाचल सरकार अपने राजस्व में वृद्धि के लिए प्रयास करे। वह बेहतर संसाधन जुटाने के लिए लंबित कर दावों का समयबद्ध निपटान करे। राजस्व बकाया की वसूली करे। सरकार प्रतिबद्ध व्यय को कम करने के तरीके खोजे, जिससे विकास व्यय के लिए अधिक निधियों उपलब्ध कराई जा सके।
विज्ञापन


ऋणों की वसूली करने में सरकार कमजोर रही
सरकार उधार लेने की उच्च लागत को देखते हुए लाभ अर्जित करने के लिए राज्य के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में निवेश की गई पूंजी पर उचित प्रतिफल सुनिश्चित करने के मार्ग खोजे। विभिन्न क्षेत्रों को अग्रिम रूप से दिए गए ऋणों की वसूली करने में सरकार कमजोर रही है, इसलिए राज्य सरकार ऋण व अग्रिमों को अनुदान के रूप में मानें और सेवाओं में उनकी सही स्थिति दर्शाने के लिए उन्हें राजस्व व्यय के रूप में बुक करे। सरकार आगामी लागत वृद्धि से बचने के लिए अपूर्ण परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करना सुनिश्चित करे। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें