दिल्ली में वीरवार को बैठक में प्रदेश नेतृत्व के समक्ष सुधीर के चुनाव लड़ने से मना करने के बाद हाईकमान ने आननफानन में कांगड़ा-चंबा संसदीय युकां के कार्यकारी अध्यक्ष विजयइंद्र कर्ण को दिल्ली बुला दिया। वह शाहपुर विस क्षेत्र के रहने वाले हैं। उन्होंने टिकट के लिए आवेदन किया था।
सूत्रों के अनुसार शुक्रवार देर शाम तक विजयइंद्र कर्ण के नाम पर कांग्रेस हाईकमान ने मुहर लगा दी, लेकिन अचानक जीएस बाली के बेटे रघुवीर सिंह बाली का नाम बीच में आने से प्रत्याशी की घोषणा शनिवार के लिए टाल दी गई। ऐन वक्त पर एमसी के मेयर देवेंद्र जग्गी का पत्ता भी कट गया।
सुधीर के चुनाव न लड़ने के ये हो सकते हैं कारण
माना जा रहा है कि धर्मशाला में पुराने कांग्रेसियों के विरोध और अचानक टिकट के तलबगारों की संख्या ज्यादा बढ़ने को सुधीर उपचुनाव में मुफीद नहीं मान रहे थे। राजनीतिक विश्लेषक यह भी मान रहे हैं कि सुधीर ने ऐन मौके पर उपचुनाव लड़ने से मना कर प्रदेश नेतृत्व को संभलने का मौका नहीं दिया। इससे, 2022 में बेहतरीन वापसी हो सके या पैराशूट से आकर भाजपा प्रत्याशी के रूप में एंट्री कर उपचुनाव जीता जा सके।