बोले, सदन में राहत देने पर करेंगे चर्चा
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के आजीविका भवन में दुकानें चला रहे सैकड़ों कारोबारियों को जल्द राहत मिल सकती है। नगर निगम दुकानों के किराये में हर साल होने वाली 10 फीसदी की बढ़ोतरी की व्यवस्था में बदलाव कर सकता है। इसके तहत अब हर साल की बजाय तीन साल बाद किराये में 10 फीसदी की बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। नगर निगम सदन में इस प्रस्ताव पर चर्चा के बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा।
महापौर सुरेंद्र चौहान और उपमहापौर उमा कौशल ने बुधवार को आजीविका भवन का दौरा कर यहां चल रहे कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने भवन की छत पर चल रहे काम को एक सप्ताह में पूरा करने के निर्देश दिए। इसके बाद महापौर ने कारोबारियों की समस्याएं भी सुनीं। कारोबारियों ने बताया कि ग्राहकों की कमी के कारण उनका कारोबार घाटे में चल रहा है। सब्जी मंडी की सड़क बंद होने से कारोबार और प्रभावित हुआ है। उन्होंने नगर निगम से किराये में राहत देने की मांग की। इस पर महापौर ने कहा कि दुकानों के किराये में हर साल होने वाली बढ़ोतरी की व्यवस्था में बदलाव के प्रस्ताव पर सदन में चर्चा की जाएगी। कारोबारियों ने आजीविका भवन के गेट के पास खड़ी गाड़ियों को हटाने, दुकानों में हो रही लीकेज दूर करने, भवन में रंग-रोगन करवाने, बैठने के लिए बेंच की व्यवस्था करने और सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने जैसी मांगें भी उठाईं। महापौर ने इन समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिया।
नए परिसर के निर्माण कार्य का लिया जायजा
महापौर ने सब्जी मंडी में नए परिसर के निर्माण के लिए शुरू किए कार्य का भी जायजा लिया। लोक निर्माण विभाग ने यहां जमीन समतल करने का काम शुरू कर दिया है। महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि जल्द ही मुख्यमंत्री के हाथों नए परिसर का शिलान्यास करवाया जाएगा।