शिमला। एचआरटीसी की खटारा बसों के कारण आए दिन यात्रियों को परेशानी झेलनी पर पड़ रही है। बुधवार दोपहर बाद ढाई बजे टुटीकंडी-आईएसबीटी से चौपाल रूट पर रवाना हुई निगम की बस 10 किलोमीटर के बाद ढली में हांफ गई। ढली में बस को वर्कशॉप ले जा कर खड़ा कर दिया गया।
बस में सफर कर रहे चौपाल निवासी विपिन कुमार कौंडल ने बताया कि वह लक्कड़ बाजार बस स्टैंड से बस में सवार हुए। बस की सीटें धूल मिट्टी से भरी थीं। खिड़कियों से पानी टपक रहा था। खस्ताहाल बस में यात्रियों को बैठना तक मुश्किल हो रहा था। कुछ ही दूरी तय करने के बाद सवा तीन बजे बस ढली पहुंचते ही खराब हो गई। बस का गियर अटकना शुरू हो गया। ड्राइवर कंडक्टर बस को वर्कशॉप ले गए और सवारियाें को बस से उतार दिया गया। बस में सवार दिव्यांग हरीमन और उनकी पत्नी आशा बड़ी मुश्किल से बस से उतर कर ढली बस स्टॉप पर पहुंच पाए। इसके बाद चामुंडा नेरवा बस ढली पहुंची। हरीमन और आशा इस बस में नहीं चढ़ पाए, जबकि अन्य यात्री इस बस में सवार हो गए। यात्रियों को इस बस में खड़े खड़े सफर करना पड़ा। जोगराज, हरीमन, आशा देवी, सुनीता देवी, सोहन सिंह, प्रेम सिंह, रोशन लाल और ब्रिंदा देवी ने बताया कि एचआरटीसी के तारादेवी डिपो की चौपाल रूट पर चलने वाली बसें अकसर खटारा होती हैं जिसके कारण आए दिन यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ती है। उधर एचआरटीसी के अड्डा इंचार्ज दिलीप कुमार ने बताया कि चौपाल रूट पर रवाना हुई बस के ढली में खराब होने की सूचना मिली है। चामुंडा-नेरवा नॉन स्टॉप बस में यात्रियों को चौपाल भेजा गया है।