शहर में ट्रैफिक जाम के कारण लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। जाम के कारण लोकल रूटों पर चलने वाली प्राइवेट और एचआरटीसी बसों के रोजाना करीब 250 रूट फेल हो रहे हैं। बसें घंटों जाम में फंस रही हैं और यात्री स्टॉपेज पर बसों का इंतजार कर रहे हैं। शहर के लोकल रूटों पर बसें एक से दो घंटे देरी से रवाना हो रही हैं। रूट फेल होने के कारण एचआरटीसी और प्राइवेट बस आपरेटरों को भारी वित्तीय नुकसान झेलना पड़ रहा है।
आए दिन शहर की सड़कों पर लग रहा जाम स्थानीय लोगों और सैलानियों के लिए गले की फांस बन गया है। सुबह आठ बजे से ही शहर की सड़कों पर जाम लगने का सिलसिला शुरू हो जाता है। टूटीकंडी क्रासिंग से लेकर विक्ट्री टनल, लक्कड़ बाजार-संजौली मार्ग, छोटा शिमला-टालैंड- लिफ्ट मार्ग, खलीनी-बीसीएस-विकासनगर मार्ग पर दिन भर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती हैं। जाम के कारण बसें तय समय पर बस स्टैंड नहीं पहुंच पा रही। ओल्ड बस स्टैंड-आईएसबीटी मार्ग पर बसें न चलने के कारण यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
प्राइवेट बस ऑपरेटर यूनियन के महासचिव अमित चड्ढा का कहना है कि शहर में बड़ी बसों के प्रवेश के कारण जाम की समस्या गहरा रही है। जाम से निपटने में ट्रैफिक पुलिस पूरी तरह विफल साबित हुई है। जाम के कारण आपरेटरों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है।
उधर एचआरटीसी के अधिकारियों का कहना है कि जाम के कारण बसें निर्धारित समय के मुकाबले देरी से चल रही हैं। बसों के तय समय पर बस स्टैंड न पहुंचने के कारण बसों की रवानगी भी लेट हो रही है। एक किलोमीटर की दूरी तय करने में बसों को आधे से एक घंटे का समय लग रहा है।