किस क्षेत्र के लिए अब कितना लगेगा अनुमानित किराया
| स्टेशन |
अब |
पहले |
| शिमला-धर्मशाला |
615 |
535 |
| शिमला-मंडी |
382 |
333 |
| शिमला-चंबा |
977 |
850 |
| शिमला-मनाली |
701 |
610 |
| शिमला-चंडीगढ़ |
285 |
242 |
| शिमला - दिल्ली |
582 |
512 |
वॉल्वो का किराया
| स्टेशन |
अब |
पहले |
| शिमला-चंडीगढ़ |
488 |
425 |
| शिमला-दिल्ली |
1150 |
1000 |
| शिमला-धर्मशाला |
1071 |
932 |
पठानकोट और जम्मू के लिए परिवहन सेवाएं बंद करने की तैयारी
भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव के चलते पथ परिवहन निगम सीमाओं के साथ लगते क्षेत्रों के लिए बस सेवाएं बंद करने की तैयारी में है। पठानकोट, जम्मू के बस रूटों की सूची मांग ली गई है। शुक्रवार को परिवहन मुख्यालय में बैठक होनी है और इसमें बस सेवा बंद करने को लेकर फैसला लिया जाएगा।
स्मार्ट, ग्रीन और सम्मान कार्ड पर मिलती रहेगी छूट
निगम की बसों में सफर करने पर लोगों को स्मार्ट, ग्रीन और सम्मान कार्ड पर छूट पहले की ही तरह मिलती रहेगी। ग्रीन और सम्मान कार्ड पर 50 किलोमीटर के दायरे में छूट मिलती है। ग्रीन पर 25 और सम्मान कार्ड पर 30 प्रतिशत की छूट है। इसके अलावा स्मार्ट कार्ड पर 10 प्रतिशत की छूट लंबी दूर का सफर करने पर मिलती है।
भविष्य में किराया वृद्धि का निर्णय लेने के लिए प्रभारी मंत्री अधिकृत होगा
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में किराया वृद्धि का प्रस्ताव परिवहन विभाग की ओर से समय-समय पर मुद्रास्फीति की आधिकारिक दर के अनुसार प्रस्तुत किया जा सकेगा। इस संबंध में निर्णय लेने के लिए प्रभारी मंत्री अधिकृत हैं। सरकार ने पहले ही न्यूनतम बस किराये को पांच से बढ़ाकर 10 रुपये किया है। अब बसों का सामान्य किराया भी बढ़ा दिया गया है। इससे पहले सरकार ने 19 अप्रैल को प्रदेश में न्यूनतम बस किराया 10 रुपये लागू किया था। इसके तहत प्रदेश राज्य में सभी स्टेज कैरिज बस सेवाओं में पहले तीन किलोमीटर के लिए पूर्व में निर्धारित पांच रुपये के स्थान पर अब पहले चार किलोमीटर के लिए 10 रुपये न्यूनतम किराया लिया जा रहा है।
बस किराया बढ़ा कर सरकार ने संकट में डाले लोग : जयराम
नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने बसों के किराए में बढ़ोतरी कर हिमाचल की जनता के साथ नाइंसाफी की है। जब से कांग्रेस सरकार आई है, एचआरटीसी प्रदेश के लोगों को परेशान करने का जरिया बन गया है। एचआरटीसी आम आदमी की सवारी है, लोग अपने रोजमर्रा के कामों में एचआरटीसी की बसों का इस्तेमाल करते हैं। पहले शुल्क की सरकार ने बसों के न्यूनतम किराए में वृद्धि कर आम लोगों के परिवार की जेबों पर महंगाई का बोझ डाला और अब लंबी दूरी के किराए में भी 15 फीसदी की बढ़ोतरी की है। इससे आम लोगों को महंगाई का एक और झटका दे दिया है। सरकार इस तरह के फैसले से बाज आए।