कुल्लू जिले के उपमंडल बंजार के गोशाला में मंगलवार को विहंगम नजारा देखने को मिला। देवता बुंगडू महादेव ने अपने हारियानों के साथ होली खेली। देव आदेश होते ही हवा में गुलाल उड़ा।
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के उपमंडल बंजार के गोशाला में मंगलवार को विहंगम नजारा देखने को मिला। देवता बुंगडू महादेव ने अपने हारियानों के साथ होली खेली। देव आदेश होते ही हवा में गुलाल उड़ा। देवता बुंगडू महादेव भी हवा में गुलाल फेंकते ही होली के रंग में रंग गए। वाद्ययंत्रों की थाप पर देवता के देवलुओं के कदम भी थिरके। देवता बुंगडू महादेव ने बंजार के गोशाला में फाग की परंपरा को निभाया। इससे पहले चनौन पंचायत के आराध्य देवता बुंगडू महादेव को देवलुओं ने गोशाला गांव में पहुंचाया। यहां पर सभी देव परंपराओं का निर्वहन हुआ। सभी लोगों ने हाथों में होली के लिए गुलाल रखा था लेकिन जैसे ही देव आदेश हुआ तो यहां पूरा माहौल रंगीन हुआ।
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देवता बुंगडू महादेव ने अपने हारियानों के साथ होली खेली। बता दें कि कुल्लू जिले में महादेव के मंदिरों में होली का आयोजन नहीं होता। इस परंपरा को बुंगडू महादेव के मंदिर में निभाया जा रहा है। इसके बाद फाग पर्व पर पारंपरिक परिधान चोला, कलगी आदि के साथ नाटी भी डाली गई। ग्राम पंचायत मंगलौर में देवता मार्कंडेय ऋषि का फाग शुरू हो गया है। मंगलौर गांव में देवता ने फाग मेले में सभी परंपराओं का निर्वहन किया। इस संबंध में देवता बुंगडू महादेव के कड़ाहिल के कारदार नरोत्तम नेगी, देउठा के शेर सिंह, तरगाली के प्रताप नेगी और पालसरा ओमप्रकाश ने कहा कि गोशाला में फाग की परंपरा को देव नियमों के साथ निभाया गया है।