बल्ह घाटी में टमाटर की फसल तैयार हो गई है। किसानों ने फसल को मंडियों में पहुंचाना शुरू कर दिया है। 700 से 800 रुपये में 22 से 25 किलो का एक क्रेट बिक रहा है। हालांकि, किसानों को बाहरी राज्यों के व्यापारियों का इंतजार है, जो खेतों में ही किसानों को टमाटर के अच्छे दाम देते हैं।
बल्ह घाटी के बल्ह और नाचन के राजगढ़, नलसर, ढाबन, कंसा, स्याह, कुम्मी, भयुरा, सिहन, डडौर, स्योहली, भौर, गागल, भड़याल में करीब 1,500 हेक्टेयर जमीन पर टमाटर उत्पादन किया जा रहा है। यहां तैयार होने वाली फसल दिल्ली, उत्तर प्रदेश, चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा, राज्यस्थान सहित अन्य राज्यों तक जाती है।
बल्ह के टमाटर की मांग अधिक रहती है और किसानों को दाम भी अच्छे मिलते हैं। दूसरे राज्यों के व्यापारी किसानों की फसल खेत से ही खरीद लेते हैं। इस वर्ष समय-समय पर बारिश होती रही। इससे पैदावार बेहतर रही है। टमाटर की फसल फरवरी से मार्च में लगाई जाती है और जून में तैयार हो जाती है।
जुलाई में बल्ह का 75 से 80 प्रतिशत टमाटर बिक जाता है। नेरचौक सब्जी मंडी के विक्रेता नंदलाल सैनी, हंसराज शर्मा का कहना है कि टमाटर की फसल अभी तैयार हो रही है कुछ फसल तैयार होकर बाजार में आ चुकी है। जिसके किसानों को अच्छे दाम मिल रहे हैं।
टमाटर का एक क्रेट 700 से 800 रुपये में बिक रहा है। अभी टमाटर का रेट कुछ कम हो सकता है। जब तक मानसून नहीं आती है तब तक पंजाब का टमाटर भी भरपाई करता है मानसून आने से मैदानी इलाकों के टमाटर की फसल खत्म हो जाती है या खराब हो जाती है।
उसके बाद ही पहाड़ों के टमाटर की डिमांड बढ़ती है। पूर्व कृषि विशेषज्ञ नेत्र सिंह नायक ने बताया कि उत्तरी भारत में सप्लाई के लिए टमाटर की फसल पूरी तरह से तैयार है। बल्ह और नाचन के कई क्षेत्रों में करीब 1,500 हेक्टेयर भूमि पर लोगों ने टमाटर की फसल की पैदावार की है, अभी गोल किस्म का टमाटर बाजार में आया है। 15 या 20 दिन में जोहारा किस्म का टमाटर भी बाजार में आ जाएगा।