कुमारहट्टी-नाहन मार्ग पर ढाबा मालकिन अर्चना को मौत ने हादसे से महज कुछ मिनट पहले ही बुलावा दिया था। जमींदोज हुआ ढाबा चार मंजिल था और इसके निचले तल में मकान मालिक की रिहायश थी। इसमें ढाबा मालिक साहिल और उसके पूरा परिवार रहता था। जिस समय हादसा हुआ साहिल मौके पर नहीं था। उसकी पत्नी अर्चना अपने दो बच्चों के साथ बाहर थी।
हादसे से महज कुछ ही मिनट पहले वह बच्चों को बाहर छोड़कर अंदर चली गई। उसके अंदर जाते ही ढाबा मलबे के ढेर में बदल गया। पास खेल रहे दोनों बच्चे इस मंजर को बस देखते ही रह गए। उनकी आंखों के सामने जोरदार आवाज के साथ उनकी मां और सेना के जवान मलबे में दफन हो गए। कुछ समय के लिए पूरे इलाके में धूल का गुबार फैल गया। आसपास मौजूद लोग घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़े लेकिन हर कोई सहमा हुआ था।